Noida Public Transport: नोएडा में 4 प्रमुख रूटों पर बनेंगे 94 आधुनिक बस स्टैंड, 100 ई-बसों के संचालन से सफर होगा आसान
नोएडा शहर के नागरिकों को मेट्रो फीडर और लास्ट-माइल कनेक्टिविटी की सुगम सुविधा उपलब्ध कराने के लिए नोएडा विकास प्राधिकरण ने सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था के कायाकल्प का महाप्लान तैयार किया है। शहर के चार प्रमुख और व्यस्ततम परिवहन कॉरिडोर पर कुल 94 आधुनिक बस शेल्टर विकसित किए जाएंगे। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत 78 नए बस स्टैंड का निर्माण किया जाएगा, जबकि 16 पुराने व जर्जर हो चुके बस स्टैंडों का जीर्णोद्धार और मरम्मत कराई जाएगी। प्राधिकरण अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान में शहर में 50 वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसें चल रही हैं, जिनकी संख्या को आगामी महीनों में बढ़ाकर 100 किया जाना है। इसी को ध्यान में रखते हुए यात्रियों के बैठने और बसों के ठहराव के लिए यह आधुनिक ढांचा तैयार किया जा रहा है।
प्राधिकरण द्वारा तैयार की गई रूटवार विस्तृत सूची के अनुसार, रूट नंबर-1 पर सेक्टर-137 से पर्थला तक 23 नए बस स्टैंड बनेंगे और एक की मरम्मत होगी। इस रूट पर पंचशील बालक इंटर कॉलेज, सेक्टर-91 पार्श्वनाथ, सेक्टर-98, सेक्टर-44 महामाया बालिका इंटर कॉलेज, बॉटेनिकल गार्डन, गोल्फ कोर्स, सिटी सेंटर, होशियारपुर, सेक्टर-52 और गांव बसई शामिल हैं। वहीं रूट नंबर-2 पर सेक्टर-18 से आसपास के ग्रामीण अंचलों तक 19 नए बस स्टैंड बनाए जाएंगे और नौ की मरम्मत होगी, जो अट्टा, रजनीगंधा, स्टेडियम, लोटस वैली एक्सप्रेसवे, एडवेंट और गांव बदौली को जोड़ेंगे। रूट नंबर-3 पर सेक्टर-61 साईं मंदिर से बरौला, फोर्टिस अस्पताल, सेक्टर-50 स्पेक्ट्रम मॉल, सिलिकॉन सिटी और फेज-2 तक 23 नए बस स्टैंड बनेंगे और तीन की मरम्मत होगी।
इसी तरह चौथे रूट के तहत सेक्टर-81 होजरी कॉम्प्लेक्स से ककराला, केंद्रीय विहार, सेक्टर-39 जिला अस्पताल, लेबर चौक और छलेरा गांव तक 13 नए बस स्टैंड बनाए जाएंगे और तीन पुराने शेल्टरों को सुधारा जाएगा। इन सभी 94 बस स्टैंडों को अत्याधुनिक डिजाइन के साथ तैयार किया जाएगा, जिसमें यात्रियों के बैठने के लिए आरामदायक स्टील की कुर्सियां, सोलर पावर्ड एलईडी लाइट्स, रियल-टाइम बस आगमन दर्शाने वाली डिजिटल एलईडी स्क्रीन और मोबाइल चार्जिंग पॉइंट की व्यवस्था होगी। इस परियोजना के पूरा होने से शहर के अंदरूनी सेक्टरों, औद्योगिक क्षेत्रों और गांवों के लाखों निवासियों को सुरक्षित, पर्यावरण-अनुकूल और किफायती परिवहन सेवा मिल सकेगी।
