Noida Violent Protest: सेक्टरों में बेकाबू प्रदर्शन, आगजनी-पथराव से हालात बिगड़े, जानिए अब तक क्या-क्या हुआ
Noida Violent Protest: सेक्टरों में बेकाबू प्रदर्शन, आगजनी-पथराव से हालात बिगड़े, जानिए अब तक क्या-क्या हुआ
नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों में मजदूरों का विरोध प्रदर्शन सोमवार को अचानक हिंसक हो गया, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी और तनाव का माहौल बन गया। पिछले कई दिनों से वेतन वृद्धि, बेहतर कामकाजी परिस्थितियों और लंबित मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे श्रमिकों का गुस्सा उस समय फूट पड़ा जब कंपनी प्रबंधन के साथ उनकी वार्ता विफल हो गई। इसके बाद प्रदर्शन ने उग्र रूप ले लिया और कई स्थानों पर तोड़फोड़, आगजनी और पथराव की घटनाएं सामने आईं।
प्रदर्शनकारियों ने नोएडा के फेज-2, सेक्टर-60, सेक्टर-62 और सेक्टर-84 समेत कई इलाकों में जमकर हंगामा किया। खासतौर पर मदरसन कंपनी के पास और होजरी कॉम्प्लेक्स (फेज-2) में हालात सबसे ज्यादा बिगड़ गए, जहां भीड़ ने कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया। जानकारी के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की दो गाड़ियों समेत कुल पांच वाहनों को जला दिया, जबकि कई अन्य वाहनों और संपत्तियों को भी नुकसान पहुंचाया गया। एक कार पूरी तरह जलकर खाक हो गई और कई जगहों पर पत्थरबाजी की गई, जिसमें कुछ पुलिसकर्मियों के घायल होने की भी सूचना है।
इस हिंसक प्रदर्शन का असर ट्रैफिक व्यवस्था पर भी बुरी तरह पड़ा। दिल्ली-नोएडा बॉर्डर पर लंबा जाम लग गया और नेशनल हाईवे-9, चिल्ला बॉर्डर से नोएडा लिंक रोड समेत कई प्रमुख मार्ग पूरी तरह से ब्लॉक हो गए। सुबह के पीक आवर में हजारों लोग जाम में फंस गए, जिससे फरीदाबाद तक ट्रैफिक प्रभावित हुआ। स्थिति को संभालने के लिए ट्रैफिक पुलिस को एडवाइजरी जारी करनी पड़ी और वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था करनी पड़ी।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने नोएडा के विभिन्न क्षेत्रों में भारी बल तैनात कर दिया है। सीनियर अधिकारी लगातार मौके पर मौजूद हैं और बैरिकेडिंग के साथ सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस ने न्यूनतम बल का इस्तेमाल करते हुए हालात को काबू में करने की कोशिश की और प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने की अपील की है। अब पुलिस का कहना है कि स्थिति धीरे-धीरे नियंत्रण में आ रही है और चिल्ला बॉर्डर को दोबारा खोल दिया गया है।
प्रदर्शन के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने भी सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिकों को सम्मानजनक वेतन, सुरक्षित कार्य वातावरण और समय पर समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए हैं। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी है कि जो लोग कानून को हाथ में लेंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और उन्हें जेल भेजा जाएगा।
दरअसल, प्रशासन ने पहले ही मजदूरों की मांगों को देखते हुए कुछ राहत देने की कोशिश की थी। रविवार को जिला प्रशासन और अधिकारियों के साथ बैठक में डबल ओवरटाइम पे, साप्ताहिक अवकाश, हर महीने की 10 तारीख तक वेतन भुगतान और बोनस देने जैसे फैसले लिए गए थे, लेकिन इसके बावजूद मजदूरों का गुस्सा शांत नहीं हुआ और आंदोलन हिंसक हो गया।
फिलहाल प्रशासन हालात को पूरी तरह सामान्य करने में जुटा है और लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की गई है। वहीं श्रमिकों ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, उनका आंदोलन जारी रहेगा।




