Noida Land Fraud: कोर्ट में चल रहा था जमीन का विवाद, फिर भी फर्जी दस्तावेज तैयार कर संपत्ति बेचने का आरोप; तीन पर FIR
नोएडा। जमीन को लेकर न्यायालय में विवाद लंबित होने के बावजूद कथित रूप से फर्जी दस्तावेज तैयार कर संपत्ति दूसरे व्यक्ति के नाम करने का मामला सामने आया है। पीड़ित ने आरोपियों पर धोखाधड़ी कर रुपये हड़पने के साथ विरोध करने पर मारपीट और परिवार समेत जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया है। कोर्ट के आदेश पर सेक्टर-24 कोतवाली पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सेक्टर-113 क्षेत्र में रहने वाले सुखपाल यादव ने न्यायालय में दी शिकायत में बताया कि उनका सुनील नामक व्यक्ति के साथ जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। यह मामला पहले से न्यायालय में विचाराधीन है।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि न्यायालय में मामला लंबित होने के बावजूद विवादित जमीन से संबंधित लेनदेन किया गया। सुखपाल के मुताबिक सुनील ने 12 मार्च को कथित रूप से उक्त जमीन प्रवीण के नाम कर दी।
पीड़ित ने आरोप लगाया कि जमीन से संबंधित यह पहला विवाद नहीं है। इससे पहले भी आरोपियों ने कथित रूप से फर्जी दस्तावेज तैयार किए थे। इन दस्तावेजों के माध्यम से उनके साथ धोखाधड़ी करने और रुपये हड़पने का आरोप लगाया गया है।
सुखपाल का कहना है कि जब उन्हें जमीन से संबंधित कथित फर्जीवाड़े की जानकारी हुई तो उन्होंने इसका विरोध किया। उन्होंने आरोपियों से इस तरह की गतिविधियां बंद करने को कहा और मामले की शिकायत पुलिस से करने की बात कही।
आरोप है कि पुलिस से शिकायत करने की बात सुनकर आरोपी नाराज हो गए। इसके बाद उन्होंने अपने परिवार के अन्य सदस्यों को भी मौके पर बुला लिया और सुखपाल के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि विवाद बढ़ने के बाद उनके साथ मारपीट की गई। इस घटना में उन्हें चोटें भी आईं। इसके साथ ही आरोपियों पर उन्हें और उनके परिवार के सदस्यों को जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप है।
मामले में पीड़ित ने कार्रवाई के लिए न्यायालय का रुख किया। कोर्ट के आदेश के बाद सेक्टर-24 कोतवाली पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
पुलिस अब विवादित जमीन से संबंधित दस्तावेजों और कथित लेनदेन की जांच कर रही है। शिकायत में जिन दस्तावेजों को फर्जी बताया गया है, उनकी सत्यता की भी जांच की जाएगी।
इसके साथ ही जमीन को प्रवीण के नाम किए जाने की प्रक्रिया और उस समय संपत्ति की कानूनी स्थिति से संबंधित तथ्यों की भी पड़ताल की जा रही है। न्यायालय में पहले से चल रहे जमीन विवाद से जुड़े रिकॉर्ड को भी जांच में शामिल किया जा सकता है।
मारपीट और धमकी से संबंधित आरोपों की भी पुलिस अलग से जांच कर रही है। शिकायतकर्ता और मामले से जुड़े अन्य लोगों के बयान तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर घटना की परिस्थितियों को स्पष्ट करने का प्रयास किया जाएगा।
एसीपी मयंक तिवारी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


