Noida Hospital Syringe Case मरीजों के लिए जानवरों की सिरिंज मंगाने पर बड़ा एक्शन, डेटा ऑपरेटर हटाया

Noida Hospital Syringe Case मरीजों के लिए जानवरों की सिरिंज मंगाने पर बड़ा एक्शन, डेटा ऑपरेटर हटाया
नोएडा : District Hospital Noida में सामने आए गंभीर लापरवाही के मामले में प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए आरोपी डेटा एंट्री ऑपरेटर को हटा दिया है। मरीजों के उपयोग के लिए सरकारी पोर्टल से जानवरों की सिरिंज मंगाने के इस मामले ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मामले में कार्यवाहक सीएमएस Dr. Ajay Rana ने बताया कि आरोपी डेटा ऑपरेटर योगेश कुमार को तत्काल प्रभाव से कार्यालय से हटा दिया गया है और उसे नशा मुक्ति केंद्र से अटैच कर दिया गया है। साथ ही पूरे मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय समिति गठित कर रिपोर्ट तलब की गई है। आरोपी से स्पष्टीकरण भी मांगा गया है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बताया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा स्वास्थ्य विभाग की जरूरतों को पूरा करने के लिए Government e-Marketplace (GeM) पोर्टल बनाया गया है, जिसकी निगरानी शासन स्तर पर होती है। इसके बावजूद गौतमबुद्ध नगर के इस जिला अस्पताल में व्यवस्थाएं बेहद लचर नजर आईं, जहां मरीजों के लिए गलती से जानवरों में इस्तेमाल होने वाली सिरिंज का ऑर्डर कर दिया गया।
सूत्रों के मुताबिक, अस्पताल में सभी ऑर्डर की जिम्मेदारी एक ही कर्मचारी के पास थी, जिसके पास जेम पोर्टल की लॉग-इन आईडी और पासवर्ड था। इसी कारण बिना पर्याप्त जांच के यह गंभीर गलती हो गई। हैरानी की बात यह रही कि करीब डेढ़ महीने तक यह मामला अधिकारियों की नजर में नहीं आया, जिससे प्रशासनिक लापरवाही और भी उजागर हुई।
जानकारी के अनुसार, 25 दिसंबर 2025 को लखनऊ की एक एजेंसी को जानवरों की सिरिंज का ऑर्डर दिया गया था, जिसे मामला सामने आने के लगभग डेढ़ महीने बाद जाकर रद्द किया गया। संबंधित एजेंसी को भी चेतावनी दी गई है, जबकि उसे ब्लैकलिस्ट करने पर भी विचार किया जा रहा है।
चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, जानवरों में इस्तेमाल होने वाली सिरिंज सामान्य सिरिंज से काफी अलग होती हैं। ये आकार में बड़ी और मोटी होती हैं, जिससे यदि इन्हें इंसानों पर इस्तेमाल किया जाए तो ओवरडोज या अन्य गंभीर दुष्प्रभावों का खतरा बढ़ सकता है। इससे मरीज की जान को भी खतरा हो सकता है।
इस घटना ने सरकारी अस्पतालों में खरीद प्रक्रिया, निगरानी तंत्र और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि इस लापरवाही के लिए और कौन-कौन जिम्मेदार है और आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।




