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Gas Crisis Noida: गैस किल्लत से MSME कारोबारियों की बढ़ी चिंता, उद्योगों पर मंडराया संकट

Gas Crisis Noida: गैस किल्लत से MSME कारोबारियों की बढ़ी चिंता, उद्योगों पर मंडराया संकट

Noida में गैस की किल्लत ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (एमएसएमई) से जुड़े कारोबारियों की चिंता बढ़ा दी है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर Iran Israel US Tensions के चलते ऊर्जा संसाधनों की आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिसका सीधा असर औद्योगिक गतिविधियों पर पड़ रहा है।

इंडस्ट्रियल बिजनेस एसोसिएशन (आईबीए) ने इस गंभीर स्थिति को देखते हुए सरकार को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। एसोसिएशन के अध्यक्ष अमित उपाध्याय के अनुसार, उद्योगों के लिए जरूरी गैस, कच्चा माल और अन्य ऊर्जा संसाधन या तो उपलब्ध नहीं हैं या बेहद महंगे दामों पर मिल रहे हैं, जिससे छोटे उद्योगों का संचालन मुश्किल होता जा रहा है।

व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडर की भारी कमी के कारण कई उद्योगों को उत्पादन घटाना पड़ा है, जबकि कुछ इकाइयों ने काम पूरी तरह बंद कर दिया है। कच्चे माल की कीमतों में भी लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। खासतौर पर पेपर उद्योग में कीमतों में भारी उछाल आया है, जिसका असर लोहे और एल्युमीनियम जैसे धातुओं के दामों पर भी पड़ रहा है।

आईबीए के महासचिव सुनील दत्त शर्मा ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में एमएसएमई सेक्टर दोहरी मार झेल रहा है। एक तरफ गैस और कच्चे माल की कीमतों में अप्रत्याशित वृद्धि हो रही है, वहीं दूसरी तरफ बाजार में मांग और उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है।

कारोबारियों का कहना है कि यदि समय रहते इस संकट का समाधान नहीं किया गया, तो इसका सीधा असर राज्य और देश की आर्थिक योजनाओं पर पड़ेगा। विशेष रूप से One Trillion Dollar Economy Uttar Pradesh और Vision 2047 India जैसे बड़े लक्ष्यों पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

फिलहाल, उद्योग जगत सरकार के ठोस कदमों का इंतजार कर रहा है, ताकि उत्पादन और व्यापार को फिर से सामान्य स्थिति में लाया जा सके।

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