Noida Electricity: डूब क्षेत्र में बिजली कनेक्शन काटने के विरोध में किसानों की पंचायत, बोले-लिखित आश्वासन तक जारी रहेगा आंदोलन

Noida Electricity: डूब क्षेत्र में बिजली कनेक्शन काटने के विरोध में किसानों की पंचायत, बोले-लिखित आश्वासन तक जारी रहेगा आंदोलन

नोएडा। डूब क्षेत्र की कॉलोनियों में बड़े पैमाने पर बिजली कनेक्शन काटे जाने का मामला लगातार तूल पकड़ रहा है। सोमवार को भारतीय किसान परिषद के नेतृत्व में पुश्ता रोड पर पंचायत आयोजित की गई। इसमें चोटपुर, छिजारसी, बहलोलपुर समेत आसपास के गांवों और कॉलोनियों से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने भी पंचायत में पहुंचकर आंदोलन को समर्थन दिया।

पंचायत के दौरान भारतीय किसान परिषद ने स्पष्ट किया कि बिजली कनेक्शन के मुद्दे पर प्रशासन की ओर से लिखित आश्वासन मिलने तक आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा। संगठन का कहना है कि केवल मौखिक आश्वासन के आधार पर डूब क्षेत्र के लोग आंदोलन वापस लेने के लिए तैयार नहीं हैं।

भारतीय किसान परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखवीर खलीफा ने कहा कि डूब क्षेत्र में रहने वाले हजारों परिवार बिजली संकट का सामना कर रहे हैं। ऐसे में समस्या के स्थायी समाधान को लेकर प्रशासन को स्पष्ट और लिखित आश्वासन देना होगा। उन्होंने कहा कि मौखिक भरोसे के आधार पर लोग पीछे नहीं हटेंगे।

पंचायत में मौजूद लोगों ने भी संगठन की मांग का समर्थन किया। तय किया गया कि प्रशासन की ओर से लिखित आश्वासन मिलने के बाद ही आंदोलन को लेकर आगे की रणनीति पर फैसला किया जाएगा। तब तक पंचायत और विरोध का सिलसिला जारी रखने की बात कही गई है।

दरअसल, छिजारसी, चोटपुर और आसपास के डूब क्षेत्र में विद्युत निगम ने अवैध बिजली कनेक्शनों के खिलाफ अभियान चलाया था। तीन दिनों तक चली कार्रवाई के दौरान पांच हजार से अधिक कनेक्शन काटे गए थे। इसके साथ बिजली आपूर्ति में इस्तेमाल किए जा रहे ट्रांसफार्मर और केबल भी जब्त किए जाने की कार्रवाई हुई थी।

बड़े पैमाने पर कनेक्शन काटे जाने के बाद प्रभावित कॉलोनियों में रहने वाले परिवारों के सामने बिजली की समस्या खड़ी हो गई। इसके विरोध में स्थानीय लोगों ने पहले भी प्रदर्शन किया और कैंडल मार्च निकालकर बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग उठाई थी। अब भारतीय किसान परिषद के नेतृत्व में इस मुद्दे को लेकर पंचायत आयोजित की गई है।

मामले में करीब 13 हजार अवैध बिजली कनेक्शन पाए जाने की बात सामने आई है। जांच में इन कनेक्शनों के कारण विद्युत निगम को हर महीने करीब 6.50 करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान का अनुमान भी लगाया गया है। इसी के बाद अवैध कनेक्शनों के खिलाफ कार्रवाई तेज की गई थी।

दूसरी तरफ, बिजली संकट का समाधान निकालने की दिशा में डूब क्षेत्र के परिवारों को अस्थायी बिजली कनेक्शन देने की तैयारी की जा रही है। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से मामले का संज्ञान लिए जाने के बाद इस दिशा में प्रक्रिया आगे बढ़ी है।

यदि अस्थायी कनेक्शन उपलब्ध कराने की व्यवस्था लागू होती है तो डूब क्षेत्र की 40 से अधिक कॉलोनियों में रहने वाले हजारों परिवारों को इसका लाभ मिल सकता है। लोगों को सीधे बिजली निगम से कनेक्शन मिलने का रास्ता खुलने की उम्मीद है। अगले कुछ दिनों में इस व्यवस्था को लेकर स्थिति स्पष्ट होने की बात कही जा रही है।

हालांकि भारतीय किसान परिषद का कहना है कि संभावित व्यवस्था या मौखिक भरोसा आंदोलन समाप्त करने के लिए पर्याप्त नहीं है। संगठन ने बिजली कनेक्शन को लेकर प्रशासन से लिखित आश्वासन की मांग की है। किसान नेताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक लिखित रूप से समाधान का भरोसा नहीं मिलता, तब तक आंदोलन और पंचायत का सिलसिला जारी रहेगा।

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