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Noida Airport: नोएडा एयरपोर्ट के सुरक्षा ऑडिट में पाई गई कमियों को दूर करने की कवायद तेज, बीसीएएस से मिल सकती है कंडिशनल एनओसी

Noida Airport: नोएडा एयरपोर्ट के सुरक्षा ऑडिट में पाई गई कमियों को दूर करने की कवायद तेज, बीसीएएस से मिल सकती है कंडिशनल एनओसी

नोएडा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट जेवर के सुरक्षा इंतजामों को लेकर गंभीरता बढ़ा दी गई है। ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (BCAS) और सीआईएसएफ द्वारा दिसंबर में किए गए सुरक्षा ऑडिट में 25 से अधिक कमियां सामने आने के बाद अब जनवरी में एक बार फिर एयरपोर्ट का सिक्योरिटी ऑडिट किया गया है। सूत्रों के मुताबिक ताजा ऑडिट में यह सामने आया है कि पहले बताई गई खामियों को दूर करने के लिए एयरपोर्ट प्रबंधन की ओर से तेजी से काम किया जा रहा है।

सूत्रों ने बताया कि दिसंबर के ऑडिट में कंक्रीट की बाउंड्रीवॉल की जगह लंबे हिस्से में केवल लोहे की फेंसिंग लगाए जाने, सीआईएसएफ जवानों के लिए पर्याप्त और उपयुक्त वॉच टावर न होने समेत कई गंभीर सुरक्षा खामियां पाई गई थीं। इसके बाद एयरपोर्ट प्रबंधन ने सुरक्षा मानकों को पूरा करने के लिए युद्धस्तर पर काम शुरू कर दिया है।

इन्हीं प्रयासों को देखते हुए अब ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि बीसीएएस की ओर से नोएडा एयरपोर्ट को फिलहाल कंडिशनल एनओसी दी जा सकती है। यह एनओसी पूरी तरह शर्तों के साथ होगी, जिसमें एयरपोर्ट प्रबंधन को तय समय सीमा के भीतर सभी अधूरे सुरक्षा कार्य पूरे करने होंगे। इसके लिए बीसीएएस एयरपोर्ट मैनेजमेंट से अंडरटेकिंग भी लेगा। शर्तें पूरी करने की गारंटी मिलने के बाद ही एनओसी जारी किए जाने की संभावना है।

सूत्रों ने स्पष्ट किया कि कंडिशनल एनओसी मिलने का यह मतलब नहीं होगा कि सुरक्षा मानक पूरे किए बिना यहां से हवाई सेवाएं शुरू कर दी जाएंगी। यह एनओसी फिलहाल केवल एयरपोर्ट के उद्घाटन तक सीमित रहेगी। जब तक एयरपोर्ट सभी निर्धारित सुरक्षा मानकों पर पूरी तरह खरा नहीं उतरता, तब तक यहां से विमानों की टेकऑफ और लैंडिंग की अनुमति नहीं दी जाएगी।

बताया गया है कि दिसंबर में सुरक्षा जांच में असफल रहने के बाद से नोएडा एयरपोर्ट पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई अहम कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। इनमें पूरे एयरपोर्ट परिसर में कंक्रीट की बाउंड्रीवॉल का निर्माण, दीवार फांदने या घुसपैठ की कोशिश पर अलर्ट देने वाला पीआईडीएस सिस्टम लगाना, सीआईएसएफ के लिए आधुनिक वॉच टावर तैयार करना, करीब छह हजार सीसीटीवी कैमरे लगाने का काम और सिक्योरिटी होल्ड एरिया में जांच के बाद पहुंचे यात्रियों व बिना जांच वाले लोगों के बीच किसी भी तरह का संपर्क न हो सके, इसके लिए सख्त व्यवस्था शामिल है।

एयरपोर्ट प्रबंधन का दावा है कि सभी खामियों को समयबद्ध तरीके से दूर किया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियां भी लगातार निगरानी कर रही हैं ताकि भविष्य में किसी भी तरह की चूक न रह जाए। आने वाले दिनों में बीसीएएस की रिपोर्ट के आधार पर नोएडा एयरपोर्ट के अगले कदम तय किए जाएंगे।

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