New Delhi : स्वरूप नगर में सेक्स रैकेट का भंडाफोड़: 14 वर्षीय नाबालिग समेत 5 को कराया मुक्त, तीन आरोपी गिरफ्तार

New Delhi : एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन (एवीए) की सूचना पर कार्रवाई करते हुए बाहरी उत्तरी दिल्ली पुलिस ने स्वरूप नगर स्थित एक फ्लैट में वेश्यावृत्ति के धंधे का भंडाफोड़ करते हुए 5 महिलाओं को मुक्त कराया। इनमें एक 14 वर्षीय नाबालिग और एक 6 महीने की गर्भवती नाबालिग भी शामिल हैं। एवीए के सदस्य कई हफ्तों से फर्जी ग्राहक बनकर इस गिरोह के बारे में जानकारी जुटा रहे थे। छापेमारी के दौरान पुलिस ने एक अधेड़ महिला सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के खिलाफ अनैतिक दुर्व्यापार (निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

काउंसलिंग के दौरान बच्ची ने बताया कि पिछले महीने की शुरुआत में एक परिचित ने उसे इस धंधे में फंसाया था। बच्ची ने बताया कि घर में आर्थिक तंगी के चलते उसने एक महिला से फैक्ट्री में नौकरी ढूंढने में मदद मांगी थी। लेकिन परिचित उसे रंजीता नाम की एक महिला के पास ले गई जो इसी तरह का सेक्स रैकेट चलाती थी। बच्ची ने कहा कि जब उसने यह काम करने से इनकार किया तो उन्होंने उसे यकीन दिलाया कि इसमें बहुत पैसा है और इससे उसकी सभी परेशानियां खत्म हो जाएंगी। उसे कहा गया कि उसे रोज एक या दो ग्राहकों को खुश करना होगा और बदले में उसे 1000 रुपए मिलेंगे।

उसने बताया कि 15 दिन बाद वह स्वरूप नगर आई, जहां वह फिर से उसी रैकेट में फंस गई। उसने कहा, “ग्राहकों को खुश करने के एवज में उसे रोजाना केवल 300 रुपए मिलते थे, जबकि बाकी पैसे गिरोह के संचालक अपने पास रख लेते थे।” बच्ची ने बताया कि उसके माता-पिता को इस बारे में कुछ भी नहीं पता था। फिलहाल उसे बाल सुधार गृह में भेज दिया है। आगे उसे बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया जाएगा ताकि उसकी बेहतर देखभाल सुनिश्चित की जा सके। इस बीच, दूसरी पीड़िता जो गर्भवती थी, ने दावा किया कि वह 25 साल की है, लेकिन बचाव दल को वह काफी छोटी लग रही थी। दस्तावेजों के अभाव में मेडिकल जांच से उसकी उम्र की पुष्टि की जाएगी।

एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन के वरिष्ठ निदेशक मनीष शर्मा ने अभियान की जानकारी साझा करते हुए कहा, “हमारी टीम को कुछ हफ्ते पहले इस रैकेट की खबर मिली थी। इसके बाद हमारी टीम के ही एक सदस्य ने ग्राहक बनकर बिचौलिए से संपर्क किया। कई दिनों तक विश्वास जीतने के बाद दलाल ने चार नाबालिग लड़कियां भेजने के एवज में 10,000 रुपए की मांग की। पुख्ता जानकारी के बाद हमने पुलिस को सूचना दी जिसके बाद छापे की कार्रवाई हुई।”

उन्होंने कहा, “यह सराहनीय है कि डीसीपी हरेश्वर स्वामी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने शिकायत पर तुरंत कार्रवाई की। इस तरह की कार्रवाइयां और अभियान सुनिश्चित करेंगे कि नाबालिग बच्चों की ट्रैफिकिंग न हो और वे इन गिरोहों के चंगुल में नहीं फंसें। इस मामले में कानून प्रवर्तन एजेंसियों की तत्परता सराहनीय है, लेकिन यह कोई अकेली घटना नहीं है। हमने पहले भी ऐसे ही रैकेट का भंडाफोड़ किया है। हमें आरोपियों को न्याय के कटघरे में लाना होगा क्योंकि जब तक कानून उन पर शिकंजा नहीं कसेगा तब तक ये गिरोह अपनी गतिविधियां बेखौफ चलाते रहेंगे।” एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन (एवीए), जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन का सहयोगी संगठन है, जो देश भर के 434 जिलों में बाल संरक्षण के लिए काम करने वाले 250 से अधिक नागरिक समाज संगठनों का देश का सबसे बड़ा नेटवर्क है।

एवीए की सूचना पर पिछले महीने भी पुलिस ने एक वेश्यावृत्ति रैकेट के खिलाफ कार्रवाई करते हुए द्वारका में एक 16 वर्षीय बच्ची को मुक्त कराया था। बच्ची ने खुलासा किया था कि उसे लगभग साल भर पहले इस धंधे में धकेला गया था और उसे हर रात 8 से 10 ग्राहकों को खुश करना पड़ता था। बताते चलें कि एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन को बचपन बचाओ आंदोलन के नाम से भी जाना जाता है।

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