Interstate Vehicle Theft Gang: ग्रेटर नोएडा में अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश, तीन आरोपी गिरफ्तार; चोरी की 18 बाइक बरामद

Interstate Vehicle Theft Gang: ग्रेटर नोएडा में अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश, तीन आरोपी गिरफ्तार; चोरी की 18 बाइक बरामद

नोएडा। ग्रेटर नोएडा की दादरी थाना पुलिस ने दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय एक अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर चोरी की 18 मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। पुलिस का दावा है कि गिरोह के सदस्य अलग-अलग इलाकों में रेकी करने के बाद दोपहिया वाहन चोरी करते और उन्हें सुनसान स्थानों पर छिपाकर रखते थे।

एडिशनल डीसीपी ग्रेटर नोएडा संतोष कुमार ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दादरी थाना पुलिस ने लोकल इंटेलिजेंस और गोपनीय सूचना के आधार पर वाहन चोर गिरोह के बारे में जानकारी जुटाई थी। इसके बाद पुलिस टीम ने आरोपियों को पकड़ने के लिए योजना तैयार की।

पुलिस ने ग्राम कोट की सर्विस रोड से आनंदपुर की ओर जाने वाले रास्ते पर श्मशान घाट के पास घेराबंदी की। इसी दौरान तीन संदिग्धों को पकड़ लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दादरी निवासी कलुआ उर्फ इलियास, नितिन पंडित और अनमोल भारती के रूप में हुई है।

पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ की तो चोरी की कई मोटरसाइकिलों को जंगल में छिपाकर रखे जाने की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस टीम आरोपियों को लेकर संबंधित स्थान पर पहुंची और तलाशी अभियान चलाया। यहां से अलग-अलग स्थानों से चोरी की कुल 18 मोटरसाइकिलें बरामद की गईं।

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे दिल्ली और एनसीआर के अलग-अलग क्षेत्रों में घूमकर पहले वाहनों की रेकी करते थे। ऐसे स्थानों को निशाना बनाया जाता था, जहां खड़ी मोटरसाइकिल को आसानी से चोरी किया जा सके। मौका मिलते ही आरोपी बाइक लेकर फरार हो जाते थे।

चोरी के तुरंत बाद मोटरसाइकिल बेचने के बजाय आरोपी उसे जंगल, सुनसान क्षेत्र या अन्य सुरक्षित समझे जाने वाले स्थान पर छिपा देते थे। कुछ समय बाद परिस्थितियां सामान्य होने पर बाइक को वहां से निकालकर बेचने की कोशिश की जाती थी। इससे चोरी के तुरंत बाद पुलिस की जांच में पकड़े जाने का खतरा कम करने का प्रयास किया जाता था।

आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि चोरी की मोटरसाइकिलों को बाजार मूल्य से काफी कम कीमत पर राह चलते लोगों या दूसरे खरीदारों को बेच दिया जाता था। वाहन बेचने से मिलने वाली रकम को गिरोह के सदस्य आपस में बांट लेते थे और अपने निजी खर्च तथा मौज-मस्ती में इस्तेमाल करते थे।

एक साथ 18 चोरी की मोटरसाइकिलों की बरामदगी के बाद पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि ये वाहन किन-किन थाना क्षेत्रों से चोरी किए गए थे। इसके लिए संबंधित थानों में दर्ज वाहन चोरी के मुकदमों और बरामद मोटरसाइकिलों के रिकॉर्ड का मिलान किया जा रहा है।

पुलिस की शुरुआती जांच में गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ पहले से भी कई मुकदमे दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। उनके पूरे आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि आरोपी इससे पहले किन वारदातों में शामिल रहे हैं।

इसके साथ ही पुलिस गिरोह के नेटवर्क की भी जांच कर रही है। अधिकारियों का प्रयास यह पता लगाने का है कि चोरी की मोटरसाइकिलों को बेचने में आरोपियों की मदद कौन करता था और गिरोह में इनके अलावा कितने अन्य लोग सक्रिय हैं।

पुलिस का कहना है कि गिरोह के अन्य सदस्यों और चोरी के वाहन खरीदने वाले लोगों के बारे में जानकारी मिलने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। बरामद सभी 18 मोटरसाइकिलों के वास्तविक मालिकों की पहचान कर उन्हें कानूनी प्रक्रिया के तहत वापस दिलाने की कार्रवाई भी की जाएगी।

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