Healthcare Infrastructure: 10 साल से बंद एसी प्लांट ने रोकी GTB की इमरजेंसी, करोड़ों का सिस्टम बना कबाड़
Healthcare Infrastructure: 10 साल से बंद एसी प्लांट ने रोकी GTB की इमरजेंसी, करोड़ों का सिस्टम बना कबाड़
नई दिल्ली, 30 जुलाई: राजधानी दिल्ली के राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के अत्याधुनिक ब्लॉक-4 में तैयार की गई सुविधाएं करीब एक दशक से बंद पड़े सेंट्रल एसी प्लांट के कारण पूरी तरह उपयोग में नहीं आ पा रही हैं। इस ब्लॉक में जीटीबी अस्पताल की इमरजेंसी सेवाओं को शिफ्ट करने की तैयारी चल रही है, लेकिन लंबे समय से बंद केंद्रीय एयर कंडीशनिंग सिस्टम अब सबसे बड़ी तकनीकी बाधा बन गया है। करोड़ों रुपये की लागत से तैयार की गई सुविधा के बावजूद मरीजों को इसका पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है।
ब्लॉक-4 में लगाया गया सेंट्रल एयर कंडीशनिंग प्लांट भवन तैयार होने के बाद से नियमित रूप से संचालित नहीं किया गया। लंबे समय तक बंद रहने के कारण मशीनरी और अन्य उपकरणों के खराब होने की आशंका है। बताया जा रहा है कि चिलर, कूलिंग टावर, पंप, पाइपलाइन, मोटर, सेंसर और इलेक्ट्रिकल सिस्टम जैसे महत्वपूर्ण हिस्से लंबे समय तक निष्क्रिय रहने से प्रभावित हो सकते हैं। ऐसे में पूरे सिस्टम को दोबारा शुरू करने से पहले तकनीकी जांच और आवश्यक मरम्मत की जरूरत होगी।
करोड़ों की सुविधा, लेकिन इस्तेमाल का इंतजार
ब्लॉक-4 को आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के लिए तैयार किया गया था, लेकिन लंबे समय तक इसका अपेक्षित इस्तेमाल नहीं हो सका। अब जीटीबी अस्पताल की इमरजेंसी सेवाओं को यहां स्थापित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है तो वर्षों से बंद एसी प्लांट की समस्या सामने आ गई है। अस्पताल की इमरजेंसी में मरीजों के उपचार, ऑपरेशन और अन्य चिकित्सा गतिविधियों के लिए नियंत्रित तापमान और उचित वेंटिलेशन बेहद जरूरी होता है। ऐसे में केंद्रीय एसी सिस्टम के खराब होने से पूरी व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है।
इस स्थिति ने निर्माण और रखरखाव व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह है कि जब भवन और उसमें जरूरी सिस्टम तैयार किए गए थे, तो उन्हें इतने लंबे समय तक नियमित रूप से संचालित और मेंटेन क्यों नहीं किया गया। यदि समय रहते मशीनरी की जांच और रखरखाव किया जाता तो आज इसे दोबारा चालू करने में इतनी परेशानी नहीं होती।
अस्पताल ने पीडब्ल्यूडी को दी जानकारी
जीटीबी अस्पताल के अतिरिक्त चिकित्सा अधीक्षक (एएमएस) डॉ. प्रवीण कुमार ने बताया कि राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के जिस हिस्से में जीटीबी की इमरजेंसी सेवाएं स्थापित की जा रही हैं, वहां केंद्रीय एसी सिस्टम खराब है। उन्होंने कहा कि इससे मरीजों के इलाज, ऑपरेशन और अन्य चिकित्सा सेवाओं के संचालन में परेशानी हो सकती है।
डॉ. प्रवीण कुमार के अनुसार, एसी प्लांट की खराबी की जानकारी लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को दे दी गई है और इसे जल्द ठीक कराने के लिए कहा गया है। अस्पताल प्रशासन चाहता है कि इमरजेंसी सेवाओं को व्यवस्थित तरीके से शुरू करने से पहले सभी जरूरी तकनीकी व्यवस्थाएं दुरुस्त हों।
पीडब्ल्यूडी को अभी नहीं मिला औपचारिक आदेश
वहीं, पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता (इलेक्ट्रिकल) राजवीर सिंह ने बताया कि एसी प्लांट की मरम्मत को लेकर अभी कोई औपचारिक आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में उच्च अधिकारियों से जानकारी लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी और समस्या का जल्द समाधान करने का प्रयास किया जाएगा।
अब निगाह इस बात पर है कि एसी प्लांट की तकनीकी जांच कब शुरू होती है और इसे दोबारा चालू करने में कितना समय और खर्च आएगा। जीटीबी की इमरजेंसी सेवाओं को नए परिसर में सुचारू रूप से शुरू करने के लिए एसी सिस्टम समेत सभी जरूरी सुविधाओं को समय रहते दुरुस्त करना अहम होगा।





