Greater Noida: ग्रेटर नोएडा की एवीजे हाईट्स सोसायटी में बाथरूम की छत से गिरा प्लास्टर, बड़ा हादसा टला, रखरखाव व्यवस्था पर उठे सवाल

Greater Noida: ग्रेटर नोएडा की एवीजे हाईट्स सोसायटी में बाथरूम की छत से गिरा प्लास्टर, बड़ा हादसा टला, रखरखाव व्यवस्था पर उठे सवाल
ग्रेटर नोएडा के जीटा-1 सेक्टर स्थित एवीजे हाईट्स सोसायटी में एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। सोसायटी के एक फ्लैट के बाथरूम में अचानक छत का प्लास्टर टूटकर गिर गया, जिससे वॉशबेसिन सहित अन्य सामान क्षतिग्रस्त हो गया। राहत की बात यह रही कि घटना के समय परिवार का कोई सदस्य बाथरूम में मौजूद नहीं था, अन्यथा गंभीर चोट लग सकती थी।
जानकारी के अनुसार, फ्लैट नंबर आई-108 में रहने वाले आरके शाही अपने परिवार के साथ रविवार को दिल्ली में एक कार्यक्रम में गए हुए थे। जब वे वापस लौटे तो उन्होंने देखा कि बाथरूम की छत का बड़ा हिस्सा टूटकर नीचे गिर चुका है। गिरते प्लास्टर की वजह से वॉशबेसिन और अन्य सामान को नुकसान पहुंचा।
घटना के बाद सोसायटी में रहने वाले लोगों में चिंता का माहौल है। निवासियों का कहना है कि भवन के रखरखाव और मरम्मत कार्यों में लगातार लापरवाही बरती जा रही है, जिसके कारण इस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं।
आरके शाही का आरोप है कि उनके फ्लैट के ऊपर स्थित फ्लैट नंबर 208 के बाथरूम में लंबे समय से सीलन और पानी रिसाव की समस्या बनी हुई है। इस संबंध में कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं किया गया। उनका कहना है कि लगातार नमी के कारण छत कमजोर होती गई और आखिरकार प्लास्टर गिर गया।
उन्होंने बताया कि निवासी नियमित रूप से मेंटेनेंस शुल्क का भुगतान करते हैं, लेकिन इसके बावजूद सोसायटी में आवश्यक मरम्मत और रखरखाव कार्य नहीं किए जा रहे हैं। अब उन्हें आशंका है कि यदि समय रहते मरम्मत नहीं हुई तो भविष्य में और भी हिस्सों का प्लास्टर गिर सकता है, जिससे बड़ा हादसा हो सकता है।
सोसायटी के अन्य निवासियों ने भी ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और आईआरपी के समक्ष कई बार शिकायतें दर्ज कराई हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। प्रभावित परिवार ने मांग की है कि क्षतिग्रस्त हिस्से की तत्काल मरम्मत कराई जाए और पूरी सोसायटी के ढांचे का सुरक्षा ऑडिट कराया जाए ताकि भविष्य में किसी दुर्घटना को रोका जा सके।
यह घटना एक बार फिर बहुमंजिला आवासीय सोसायटियों में रखरखाव और सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।





