Ghaziabad pollution: गाजियाबाद देश में सबसे प्रदूषित, नोएडा और दिल्ली एनसीआर में दूसरे-तीसरे स्थान पर
नोएडा। इस सर्दियों में वायु प्रदूषण के मामले में गाजियाबाद पूरे देश में सबसे अधिक प्रदूषित शहर बना। सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (सीआरईए) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, नवंबर 2025 से फरवरी 2026 के दौरान गाजियाबाद में पीएम 2.5 का औसत स्तर लगभग 184 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया, जो राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता मानक से लगभग तीन गुना अधिक है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि पूरे सर्दियों के मौसम में गाजियाबाद की हवा लगातार ‘बहुत खराब’ से ‘गंभीर’ श्रेणी में रही। जनवरी में कई दिनों तक एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 400 से 450 के बीच रहा। इसी कारण गाजियाबाद प्रदूषण के मामले में देश में पहले स्थान पर पहुंच गया। एनसीआर के शहरों में नोएडा दूसरे, दिल्ली तीसरे, गुरुग्राम चौथे और ग्रेटर नोएडा पांचवें स्थान पर रहे। इसके अलावा बहादुरगढ़ और मेरठ भी उच्च प्रदूषण स्तर के कारण सूची में शामिल हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि सर्दियों में हवा की गति कम हो जाने, धूल, औद्योगिक उत्सर्जन और स्मॉग के कारण प्रदूषण तेजी से बढ़ जाता है। ठंड के मौसम में धुआं और कोहरा मिलकर स्मॉग की मोटी परत बनाते हैं, जिससे हवा में प्रदूषण लंबे समय तक बना रहता है। मेट्रो सिटी होने के कारण अधिक आबादी और बढ़ते वाहनों ने स्थिति और गंभीर कर दी है।
प्रदूषण का असर लोगों की सेहत पर भी साफ देखा गया। गाजियाबाद और आसपास के अस्पतालों में सांस से जुड़ी बीमारियों के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी। अस्थमा, ब्रोंकाइटिस, एलर्जी, गले में संक्रमण और आंखों में जलन जैसी समस्याओं के साथ बड़ी संख्या में लोग इलाज के लिए पहुंचे।
रिपोर्ट और विशेषज्ञों की चेतावनी से यह स्पष्ट है कि एनसीआर क्षेत्र में वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए तत्काल कदम उठाने की जरूरत है। स्थानीय प्रशासन और नागरिकों दोनों को मिलकर प्रदूषण कम करने की दिशा में काम करना होगा।


