Greater Noida Traffic Signals: ग्रेनो के 50 से अधिक गोलचक्करों पर लगेंगे ट्रैफिक सिग्नल, 257.71 करोड़ रुपये की सेफ सिटी परियोजना
ग्रेटर नोएडा में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने और सेफ सिटी परियोजना को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए 50 से अधिक गोलचक्करों पर चरणबद्ध तरीके से ट्रैफिक सिग्नल लगाए जाएंगे। इस योजना के तहत शहर के प्रमुख चौराहों पर यातायात नियंत्रण की व्यवस्था मजबूत की जाएगी, ताकि जाम की समस्या को कम करने और वाहनों की आवाजाही सुचारु बनाने में मदद मिल सके। परियोजना के अंतर्गत शहर में 2700 से अधिक कैमरे भी लगाए जाने हैं। अधिकारियों के मुताबिक, सबसे पहले उन गोलचक्करों पर ट्रैफिक सिग्नल लगाने का काम किया जाएगा, जहां अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है।
योजना के तहत परी चौक, पी-3, सूरजपुर, तुगलपुर, रामपुर बीटा-1, होंडा चौक और तिलपता सहित कई प्रमुख गोलचक्करों को प्राथमिकता दी जाएगी। इन स्थानों पर वाहनों का दबाव अधिक रहने के कारण यातायात प्रबंधन को बेहतर बनाने की जरूरत महसूस की जा रही है। चरणबद्ध तरीके से सिग्नल लगाए जाने से व्यस्त चौराहों पर वाहनों की आवाजाही को व्यवस्थित करने और यातायात संचालन में सुधार लाने का प्रयास किया जाएगा।
अधिकारियों के अनुसार, बेहतर संचालन और निगरानी के लिए सभी ट्रैफिक सिग्नलों को कंट्रोल रूम से जोड़ा जाएगा। इससे यातायात व्यवस्था पर एकीकृत तरीके से नजर रखने और आवश्यकता के अनुसार प्रबंधन करने में मदद मिलेगी। कैमरों और ट्रैफिक सिग्नलों को सेफ सिटी परियोजना के तहत विकसित की जा रही व्यवस्था का हिस्सा बनाया जाएगा, जिससे शहर में यातायात प्रबंधन और निगरानी को मजबूत किया जा सके।
इस परियोजना में तकनीकी और परामर्श संबंधी सहयोग के लिए सलाहकार की नियुक्ति की प्रक्रिया भी शुरू की गई है। इसके लिए जारी निविदा में पांच शिक्षण संस्थानों के प्रोफेसरों ने रुचि दिखाई है। परियोजना के सुचारु क्रियान्वयन के लिए विशेषज्ञों की सहायता लेने की योजना बनाई गई है, ताकि तकनीकी आवश्यकताओं और यातायात प्रबंधन से जुड़े पहलुओं पर काम किया जा सके।
प्राधिकरण ने सेफ सिटी परियोजना का बजट पहले के 227.60 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 257.71 करोड़ रुपये कर दिया है। परियोजना के तहत ट्रैफिक सिग्नल लगाने, कैमरे स्थापित करने और निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने जैसे कार्य किए जाएंगे। इन व्यवस्थाओं के लागू होने से ग्रेटर नोएडा में यातायात संचालन को बेहतर बनाने और प्रमुख चौराहों पर लगने वाले जाम की समस्या से निपटने में मदद मिलने की उम्मीद है।


