गाजियाबाद में दिल्ली-यूपी पुलिस ने बदमाश का किया ढेर, हेड कांस्टेबल को मारी थी गोली

अमर सैनी

गाजियाबाद। लोनी की डाबर तालाब कॉलोनी में शुक्रवार दोपहर दिल्ली पुलिस एक बदमाश को पकड़ने पहुंची। इस बीच आरोपी के भतीजे रेहान ने पुलिस पर तमंचे से फायर कर आरोपी चाचा को छुड़ा लिया और एक मकान में छुप गया। सूचना पर गाजियाबाद पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। इस दौरान मकान में छिपे रेहान ने स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) के सिपाही विजय भाटी को गोली मार दी। इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी गोली चलाने वाले बदमाश रेहान को पकड़ लिया। पुलिस ने आरोपी से तमंचा छीनने की कोशिश की तो गोली चल गई और रेहान घायल हो गया। उसे पहले लोनी सीएचसी और फिर दिल्ली के गुरु तेग बहादुर अस्पताल (जीटीबी) ले जाया गया। वहां इलाज के दौरान अस्पताल में उसकी मौत हो गई। वहीं आरोपी का सुहैल उर्फ मन्नू रंगरेज मौके से भागने में कामयाब रहा।

डीसीपी ग्रामीण विवेक यादव ने बताया कि दिल्ली के गोकुलपुरी थाने की सूचना पर एसओजी और अंकुर विहार थाने की पुलिस पहुंची थी, जो डाबर तालाब कॉलोनी स्थित एक घर से बदमाश सुहैल उर्फ मन्नू रंगरेज को गिरफ्तार करने आई थी। पुलिस को मन्नू घर पर ही मिल गया। पुलिस उसे गाड़ी में बैठाकर ले जाने वाली थी। तभी रेहान अवैध तमंचा लेकर आ गया। उसने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। मन्नू मौके का फायदा उठाकर फायरिंग के बीच भाग गया। सरेआम उसकी फायरिंग से दहशत फैल गई। लोग वहां से भाग निकले। इस बीच रेहान और मन्नू अपने घर के बगल वाले मकान में छिप गए। गाजियाबाद एसओजी का हेड कांस्टेबल विजय भाटी सबसे आगे उन्हें पकड़ने पहुंचे तो रेहान ने गोली चला दी। जो विजय के कंधे पर लगी और वह घायल हो गए। इसी बीच अन्य पुलिसकर्मियों ने आरोपी को पकड़ लिया। पुलिसकर्मियों ने रेहान के हाथ तमंचा छीनने की कोशिश की। इस दौरान गोली चल गई जो उल्टा रेहान के लगी, जिसके बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। जबकि उसका चाचा आरोपी मन्नू मौके से भाग गया। वहीं घायल हेड कांस्टेबल का अस्पताल में उपचार चल रहा है।

मनु की मां जेल में, भाई मुठभेड़ में मारा गया
सोहेल उर्फ मन्नू की मां शबनम जेल में है। लोनी थाना पुलिस ने उसे 15 दिन पहले नशा बेचने के आरोप में गिरफ्तार किया था। मन्नू का एक भाई दिल्ली जेल में बंद है। कई साल पहले मन्नू का भाई सेना पुलिस के साथ मुठभेड़ में मारा गया था। डीसीपी का कहना है कि रेहान और मन्नू शातिर अपराधी हैं। उनके खिलाफ कई मामले दर्ज होने की जानकारी मिली है। इस मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिस घर में दोनों छिपे थे, वहां रहने वाले लोगों से भी पूछताछ की जाएगी। अगर उन्हें छिपाने में उनकी सहमति थी तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद मन्नू के परिवार के अन्य सदस्य घर छोड़कर चले गए हैं। इनके बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।

बिना बताए आई पुलिस
इस मामले में दिल्ली पुलिस की लापरवाही सामने आई है। फरार बदमाश को पकड़ने के लिए पुलिस स्थानीय पुलिस को बिना बताए आई थी। मुट्ठीभर पुलिसकर्मी एक गाड़ी में सवार होकर आए थे। यही वजह रही कि एक बदमाश ने उन्हें दबोच लिया। लोनी में कई बार दिल्ली पुलिस पर हमला हो चुका है। इससे भी सबक नहीं लिया जा रहा है।

रंगदारी, धमकी और लूटपाट के केस दर्ज
पुलिस कमिश्नर अजय कुमार मिश्रा ने बताया कि मारे गए बदमाश रेहान पर चार केस दर्ज थे। ये रंगदारी मांगने, धमकी देने और लूटपाट के हैं। उसने दिल्ली पुलिस की गिरफ्त से आरोपी को छुड़ा लिया। उसने एसओजी पर फायरिंग की। फायरिंग करते हुए उसका वीडियो भी सामने आया है।

Hot this week

Topics

spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img