Factory Theft: गारमेंट्स फैक्टरी से टी-शर्ट चोरी, दो सुरक्षा गार्ड समेत तीन गिरफ्तार; 363 टी-शर्ट बरामद
नोएडा। ग्रेटर नोएडा की ईकोटेक-3 कोतवाली पुलिस ने एक गारमेंट्स फैक्टरी में हुई चोरी के मामले का खुलासा करते हुए दो सुरक्षा गार्ड समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से फैक्टरी से चोरी की गई 363 टी-शर्ट बरामद हुई हैं। आरोप है कि फैक्टरी की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल रहे गार्डों ने ही चोरी की वारदात को अंजाम दिया और सामान बाहर निकालकर बेच दिया।
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों की पहचान फर्रुखाबाद निवासी 26 वर्षीय आलोक कुमार, बिजनौर निवासी 28 वर्षीय सारिक अहमद और दिल्ली निवासी 55 वर्षीय केशव प्रसाद के रूप में हुई है। आलोक कुमार और सारिक अहमद सुरक्षा गार्ड के रूप में तैनात थे, जबकि केशव प्रसाद पर चोरी का सामान खरीदने का आरोप है।
मामला उद्योग केंद्र-2 स्थित आर्या फैशन नामक गारमेंट्स फैक्टरी से जुड़ा है। फैक्टरी की संस्थापिका खुशबू सिंह ने पुलिस को शिकायत देकर बताया था कि 22 और 23 अगस्त की रात फैक्टरी में बड़ी मात्रा में टी-शर्ट और बैग चोरी किए गए थे।
शिकायत के मुताबिक घटना वाली रात फैक्टरी में नाइट गार्ड के रूप में आलोक कुमार की ड्यूटी थी। आरोप है कि उसने अपने साथी के साथ मिलकर फैक्टरी के अंदर रखी बड़ी संख्या में टी-शर्ट और अन्य सामान चोरी कर लिया। चोरी किए गए सामान को एक कार में भरकर फैक्टरी से बाहर ले जाया गया।
आरोपियों को शायद यह अंदाजा नहीं था कि उनकी गतिविधियां फैक्टरी में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो रही हैं। चोरी की पूरी वारदात सीसीटीवी में कैद होने के बाद फैक्टरी प्रबंधन ने फुटेज समेत मामले की जानकारी पुलिस को दी।
शिकायत मिलने पर ईकोटेक-3 कोतवाली पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों की पहचान की और उनकी तलाश शुरू कर दी। जांच के बाद पुलिस ने सोमवार को देबू कंपनी के पास से तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही और तलाशी के दौरान फैक्टरी से चोरी की गई 363 टी-शर्ट बरामद की हैं। पुलिस अब चोरी किए गए अन्य सामान और पूरी वारदात में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका के संबंध में भी जानकारी जुटा रही है।
ईकोटेक-3 कोतवाली प्रभारी रंजीत कुमार सिंह के अनुसार मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही थी। शुरुआती जांच में सामने आया कि फैक्टरी की सुरक्षा व्यवस्था में तैनात दोनों सुरक्षा गार्डों ने ही चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। तीसरे आरोपी पर चोरी का सामान खरीदने का आरोप है।
पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपियों ने इससे पहले भी फैक्टरी या किसी अन्य औद्योगिक इकाई में इस तरह की चोरी की वारदात को अंजाम दिया था या नहीं। इसके साथ ही चोरी के सामान की खरीद-बिक्री से जुड़े संभावित नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।


