दिल्ली

Maha Shivratri 2026: महाशिवरात्रि पर विश्वास नगर के श्री पशुपतिनाथ मंदिर में उमड़ी आस्था की भीड़

Maha Shivratri 2026: महाशिवरात्रि पर विश्वास नगर के श्री पशुपतिनाथ मंदिर में उमड़ी आस्था की भीड़

रिपोर्ट: रवि डालमिया

महाशिवरात्रि हिंदू धर्म का एक अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण पर्व है, जिसे भगवान शिव और माता पार्वती के पावन विवाह उत्सव के रूप में मनाया जाता है। इस अवसर पर देशभर के शिवालयों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। भक्त व्रत रखकर, रुद्राभिषेक कर और “हर-हर महादेव” के जयकारों के साथ भोलेनाथ की आराधना करते नजर आए। मंदिरों के बाहर लंबी कतारें लगी रहीं और श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए घंटों इंतजार करते दिखाई दिए।

दिल्ली के शाहदरा जिले के विश्वास नगर स्थित श्री पशुपतिनाथ मंदिर में भी महाशिवरात्रि के अवसर पर आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। सुबह से ही भक्तजन भगवान शिव के दर्शन और जल अर्पण के लिए मंदिर पहुंचने लगे। दूध, जल, दही, शहद, बेलपत्र और धतूरा अर्पित कर श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। मंदिर परिसर “बम-बम भोले” और “हर-हर महादेव” के जयघोष से गूंज उठा, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।

मंदिर के पुजारी ने बताया कि यह मंदिर काठमांडू स्थित प्रसिद्ध पशुपतिनाथ मंदिर का एक स्वरूप माना जाता है। महाशिवरात्रि के दिन यहां विशेष सजावट की गई और भक्तों के लिए सुव्यवस्थित व्यवस्था की गई। सुबह से देर रात तक जलाभिषेक का सिलसिला जारी रहा। भक्त अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार दूध, भांग, धतूरा, बेलपत्र और बेर अर्पित कर भोलेनाथ से मनोकामनाएं मांगते रहे।

जल चढ़ाने पहुंची एक महिला श्रद्धालु ने बताया कि महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव पर भांग, धतूरा और बेलपत्र चढ़ाने से वे प्रसन्न होते हैं और भक्तों की सभी इच्छाएं पूर्ण करते हैं। वहीं राजू उपाध्याय नामक श्रद्धालु ने कहा कि भोलेनाथ को जल के साथ दूध भी अर्पित किया गया है। उन्होंने कहा कि जिसकी जैसी श्रद्धा और शक्ति होती है, वह वैसी ही भक्ति करता है, और भगवान शिव सभी की सच्ची भक्ति से प्रसन्न होते हैं।

महाशिवरात्रि के अवसर पर दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में भगवान भोलेनाथ की बारात निकालने की भी तैयारियां की गई हैं। कई स्थानों पर भव्य झांकियों और शोभायात्राओं का आयोजन किया जा रहा है, जहां भगवान शिव की बारात का मनमोहक दृश्य देखने को मिलेगा। मान्यता है कि इसी पावन तिथि को भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था, जिसके उपलक्ष्य में यह पर्व अत्यंत श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाता है।

आस्था, श्रद्धा और भक्ति से ओतप्रोत महाशिवरात्रि का यह पर्व लोगों को आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करने के साथ-साथ समाज में एकता और सांस्कृतिक परंपराओं को सुदृढ़ करने का संदेश भी देता है।

 

 

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