
Bihar (मृत्युंजय) : गया जिला परिषद सभागार में सोमवार को जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में केंद्रीय मंत्री एवं गया सांसद जीतन राम मांझी सहित जिले के विधायक, एमएलसी और अन्य जनप्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए मांझी ने कहा कि दिशा समिति की बैठक केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित विकास योजनाओं की समीक्षा के लिए आयोजित की जाती है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के निर्देशानुसार जिले में चल रही योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की जाती है ताकि विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति का आकलन हो सके।
भरत तिवारी एनकाउंटर पर मांझी ने कहा कि हर घटना को एकतरफा नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन के दौरान हुए चर्चित अरवल नरसंहार का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय भी पुलिस कार्रवाई को लेकर काफी विवाद हुआ था, लेकिन जांच के बाद कई तथ्य सामने आए थे। मांझी ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति हथियार लेकर पुलिस के सामने खड़ा हो जाए तो पुलिस के पास कार्रवाई के अलावा दूसरा विकल्प नहीं होता। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पुलिस पर लगातार सवाल उठाने से कानून-व्यवस्था कमजोर होती है और इससे पुलिसकर्मियों का मनोबल प्रभावित होता है। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार ने मामले की न्यायिक जांच के आदेश दे दिए हैं, इसलिए जांच रिपोर्ट आने तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। मांझी ने कहा, “मेरे अनुसार पुलिस ने कोई बर्बरता नहीं की है।”
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार के संभावित राजनीतिक भविष्य पर पूछे गए सवाल के जवाब में जीतन राम मांझी ने देहाती कहावत का जिक्र करते हुए कहा, “बांस की कोठी में बांस ही फूटता है।” उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार करीब दो दशक से बिहार की राजनीति के केंद्र में हैं और निशांत कुमार उनके संस्कारों में पले-बढ़े हैं। ऐसे में उनकी राजनीतिक समझ और परिपक्वता पर संदेह नहीं किया जाना चाहिए। मांझी ने कहा कि यदि निशांत कुमार राजनीति में सक्रिय होते हैं तो भविष्य में वे स्वयं को साबित कर सकते हैं। उन्होंने कहा, “आज नहीं तो कल वह यह साबित कर देंगे कि वह अपने पिता के योग्य पुत्र हैं।”





