Noida Dussehra: सेक्टर-62 में दशहरा पर्व की तैयारियां पूरी, रावण-कुंभकरण और मेघनाथ के विशाल पुतले खड़े
रिपोर्ट: अजीत कुमार
नोएडा के सेक्टर-62 में दशहरा पर्व को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। रावण दहन कार्यक्रम के आयोजन स्थल पर रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के विशाल पुतले खड़े कर दिए गए हैं। पुतलों के तैयार होने के साथ ही क्षेत्र में दशहरा उत्सव को लेकर उत्साह का माहौल है। अब लोगों को कार्यक्रम और रावण दहन का इंतजार है। आयोजन की तैयारियों को अंतिम रूप दिए जाने के बाद उत्सव स्थल पर पर्व की रौनक बढ़ गई है।
दशहरा हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है। इसे विजयादशमी के नाम से भी जाना जाता है। यह पर्व बुराई पर अच्छाई और अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान श्रीराम ने इसी दिन लंकापति रावण का वध कर बुराई का अंत किया था। इसी विजय की स्मृति में हर वर्ष दशहरे पर रावण दहन का आयोजन किया जाता है। यह पर्व लोगों को सत्य, धर्म और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
सेक्टर-62 में होने वाले आयोजन के लिए रावण के साथ कुंभकरण और मेघनाथ के पुतले भी खड़े किए गए हैं। दशहरा उत्सव के दौरान इन तीनों पुतलों का दहन किया जाता है, जो अहंकार, अन्याय और बुराई के अंत का प्रतीक है। इस परंपरा के माध्यम से समाज को संदेश दिया जाता है कि गलत कार्यों और अधर्म का अंत निश्चित है तथा अंततः सत्य और अच्छाई की ही विजय होती है।
दशहरा पर्व के अवसर पर विभिन्न स्थानों पर रामलीला का मंचन भी किया जाता है। रामलीला में भगवान श्रीराम के जीवन, उनके आदर्शों और रावण पर विजय की कथा प्रस्तुत की जाती है। इन आयोजनों के माध्यम से लोगों को धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिलता है। साथ ही, नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, मर्यादा और भगवान श्रीराम के आदर्शों के बारे में जानने का अवसर भी मिलता है।
सेक्टर-62 में रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के पुतले तैयार होने के बाद अब दशहरा कार्यक्रम को लेकर लोगों में उत्सुकता है। विजयादशमी का यह उत्सव हर वर्ष बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देता है। यह पर्व याद दिलाता है कि अहंकार और अन्याय चाहे कितने भी शक्तिशाली क्यों न हों, अंत में सत्य, धर्म और सदाचार का मार्ग ही समाज को सही दिशा प्रदान करता है।


