Barapullah Phase 3: मयूर विहार से सराय काले खां तक नया सिग्नल-फ्री कॉरिडोर शुरू
दिल्ली के बारापुला फेज-3 एलिवेटेड कॉरिडोर को मंगलवार, 29 सितंबर 2026 को आम लोगों के लिए खोल दिया गया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने परियोजना का उद्घाटन किया। करीब 3.5 किलोमीटर लंबा यह कॉरिडोर पूर्वी दिल्ली के मयूर विहार फेज-1 को सराय काले खां से जोड़ता है और मौजूदा बारापुला नेटवर्क के साथ मिलकर करीब 9 किलोमीटर का सिग्नल-फ्री मार्ग तैयार करता है।
परियोजना का उद्देश्य पूर्वी और दक्षिणी दिल्ली के बीच सड़क संपर्क को बेहतर बनाना है। मयूर विहार से सराय काले खां तक एलिवेटेड मार्ग मिलने के बाद AIIMS, INA और दक्षिण दिल्ली की ओर जाने वाले वाहनों को पहले की तुलना में कम सिग्नल और जंक्शन से गुजरना पड़ेगा। कॉरिडोर में साइकिल ट्रैक और पैदल यात्रियों के लिए सुविधाएं भी शामिल की गई हैं।
मौजूदा बारापुला फेज-1 और फेज-2 के साथ फेज-3 को जोड़कर लगातार लंबा कॉरिडोर तैयार किया गया है। NDTV के अनुसार अधिकारियों का अनुमान है कि पूर्वी दिल्ली और नोएडा से AIIMS तक की यात्रा करीब 35-40 मिनट से घटकर लगभग 15 मिनट तक हो सकती है। वास्तविक समय ट्रैफिक और वाहन के प्रवेश-बिंदु पर निर्भर करेगा।
नोएडा से दक्षिण दिल्ली आने-जाने वाले यात्रियों को भी इस कॉरिडोर से एक वैकल्पिक मार्ग मिलेगा। मयूर विहार के जरिए बारापुला नेटवर्क से जुड़ने वाले वाहन सराय काले खां की तरफ आगे बढ़ सकेंगे। इससे DND फ्लाईवे, रिंग रोड और आसपास के अन्य प्रमुख मार्गों पर यातायात को अलग-अलग रास्तों में बांटने में मदद मिलने की उम्मीद है।
गाजियाबाद और आसपास के NCR क्षेत्रों से आने वाले वाहनों के लिए भी परियोजना महत्वपूर्ण है। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और मयूर विहार क्षेत्र से आने वाले वाहन दक्षिण दिल्ली की दिशा में जाने के लिए बारापुला कॉरिडोर का इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे यात्रियों को मौजूदा मार्गों के अलावा एक अतिरिक्त एलिवेटेड विकल्प मिलेगा।
कॉरिडोर का एक प्रमुख हिस्सा यमुना के ऊपर बने पुल से होकर गुजरता है। परियोजना में करीब 125 मीटर लंबे पिलर स्पैन के साथ कई लूप और रैंप बनाए गए हैं। इनकी मदद से अलग-अलग दिशाओं से आने वाले वाहनों को कॉरिडोर पर चढ़ने और जरूरी स्थानों पर बाहर निकलने की सुविधा मिलती है।
बारापुला फेज-3 को वर्ष 2014 में मंजूरी मिली थी और निर्माण 2015 में शुरू हुआ था। परियोजना को पहले 2017 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन कई कारणों से इसमें देरी हुई। देरी के चलते संशोधित लागत करीब 1,635 करोड़ रुपये तक पहुंची और परियोजना को पूरा होने में लगभग एक दशक लगा।
उद्घाटन के साथ दिल्ली में कुछ अन्य सड़क परियोजनाओं को भी आगे बढ़ाया गया। अमित शाह ने उत्तर दिल्ली के मुकरबा चौक अंडरपास का भी उद्घाटन किया। यह आउटर रिंग रोड के व्यस्त क्षेत्र में यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए तैयार किया गया है और इसमें हैदरपुर बादली मोड़ मेट्रो स्टेशन के पास तीन अंडरपास शामिल हैं।
दक्षिण दिल्ली में मोदी मिल से कालकाजी फ्लाईओवर के विस्तार और सावित्री सिनेमा के पास प्रस्तावित हाफ फ्लाईओवर की आधारशिला भी रखी गई। इन परियोजनाओं का उद्देश्य प्रमुख जंक्शनों पर यातायात प्रवाह बेहतर करना और सिग्नल-फ्री कनेक्टिविटी बढ़ाना है।
बारापुला फेज-3 के शुरू होने से सराय काले खां की मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी भी बढ़ेगी। यह क्षेत्र ISBT, हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन और रैपिड रेल नेटवर्क समेत कई परिवहन सुविधाओं से जुड़ा है। नए कॉरिडोर से पूर्वी दिल्ली और NCR से आने वाले लोगों को इस ट्रांसपोर्ट हब तक पहुंचने के लिए अतिरिक्त सड़क मार्ग मिलेगा।
कॉरिडोर शुरू होने के बाद दिल्ली के यातायात पर इसका वास्तविक असर आने वाले दिनों में सामने आएगा। फिलहाल मयूर विहार फेज-1 से सराय काले खां और आगे दक्षिण दिल्ली की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए एक नया सिग्नल-फ्री एलिवेटेड विकल्प उपलब्ध हो गया है।


