सफदरजंग अस्पताल, नई दिल्ली: सफदरजंग में बाल एंडोस्कोपी संग 10 बेड की डे केयर सुविधा शुरू

सफदरजंग अस्पताल, नई दिल्ली, 5 दिसम्बर : खेल- खेल में पैसों का सिक्का, बैटरी के सेल, खिलौने या अन्य वस्तुएं निगल जाने वाले बच्चों को अब सफदरजंग अस्पताल में भी उपचार मिल सकेगा।

इसके लिए अस्पताल प्रशासन ने एंडोस्कोपी टेस्ट सूट के साथ 10 बेड की क्षमता वाले डे केयर वार्ड की सुविधा शुरू कर दी है। जहां गैस्ट्रोएंटरोलॉजी और हेपेटोलॉजी विकार वाले बच्चों के उपचार भी आसानी से संपन्न हो सकेंगे। यह जानकारी अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ संदीप बंसल ने वीरवार को दी। इस अवसर पर बाल चिकित्सा विभाग के अध्यक्ष डॉ रतन गुप्ता और पीडियाट्रिक गैस्ट्रोएंटरोलॉजी यूनिट के अध्यक्ष डॉ श्याम एस. मीना, डॉ. राजेश कुमार मीना और डॉ. ऋचा मित्तल मौजूद रहे।

डॉ बंसल ने बताया कि बताया कि गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल एंडोस्कोपी से मरीज केअग्नाशयी, ल्यूमिनल या यकृत रोग की जांच की जा सकेगी। इससे (एंडोस्कोपी टेस्ट ) से पेट का कैंसर, गैस्ट्रोइसोफेगल रिफ्लक्स रोग (जीईआरडी), पेप्टिक अल्सर, सीलिएक रोग, और क्रोहन रोग जैसी कई तरह की बीमारियों का भी पता चलता है। साथ ही मरीज के पेट दर्द, मतली, उल्टी, सीने में जलन, रक्तस्राव, या मल त्याग की आदतों में बदलाव जैसी समस्याओं की भी जांच की जाती है।

इसके अलावा एंडोस्कोपी के जरिए मरीज के शरीर से ऊतक का नमूना लेकर बायोप्सी भी की जा सकती है। इन सेवाओं का संचालन अस्पताल के स्वास्थ्य देखभाल पेशेवरों की एक प्रशिक्षित और समर्पित टीम बिना लागत या बहुत कम लागत में कर रही है। डॉ बंसल ने कहा कि सफदरजंग अस्पताल में उक्त सुविधाओं की शुरुआत होने से दिल्ली एनसीआर के लोगों को काफी लाभ पहुंचेगा क्योंकि वर्तमान में, सार्वजनिक क्षेत्र में कोई समर्पित बाल चिकित्सा एंडोस्कोपी सुइट और डे केयर की सुविधा उपलब्ध नहीं है।

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