जीवनशैली में बदलाव लाने से बवासीर का उपचार संभव : सुजाता कदम

नई दिल्ली, 21 नवम्बर :अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (एआईआईए) के शल्य तंत्र विभाग ने वीरवार को विश्व बवासीर दिवस मनाया। इस अवसर पर समाज में जागरूकता लाने के लिए रोगी जागरूकता व्याख्यान कार्यक्रम और निशुल्क जांच एवं चिकित्सा शिविर के साथ आयुर्वेद के छात्रों के लिए सर्जिकल प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। शिविर में 450 से अधिक लोगों की जांच की गई।

एआईआईए की निदेशक (प्रभारी) प्रोफेसर सुजाता कदम ने कहा कि बवासीर एक जीवनशैली से संबंधित विकार है जिसे जीवनशैली में बदलाव लाकर और कुछ सावधानियां अपनाकर आसानी से ठीक किया जा सकता है। चूंकि ‘सावधानी इलाज से बेहतर है’। इस अवसर पर शल्य तंत्र विभाग के पीजी डीन और विभागाध्यक्ष प्रो. योगेश बडवे ने बताया कि हम आयुर्वेदिक सिद्वांतों और आधुनिक उन्नत तकनीकों को मिलाकर मरीजों का उपचार करते हैं।बता दें कि एआईआईए में रोजाना लगभग 120-150 मरीज आते हैं जिनमें अधिकांश संख्या बवासीर (अर्श) के मरीजों की होती हैं।

Hot this week

Topics

spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img