DU Student Harassment: मुखर्जी नगर में दो छात्राओं से बदसलूकी का आरोप, सफारी सवार युवकों पर FIR
नई दिल्ली। उत्तर पश्चिमी दिल्ली के मुखर्जी नगर में दिल्ली यूनिवर्सिटी की दो छात्राओं से कथित बदसलूकी का मामला सामने आया है। छात्राओं ने सफेद रंग की सफारी में सवार युवकों पर आपत्तिजनक टिप्पणियां करने, पीछा करने और विरोध के दौरान उन्हें जबरन वाहन के अंदर खींचने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। मामला सामने आने के बाद मुखर्जी नगर थाने में FIR दर्ज की गई है।
शिकायत के मुताबिक घटना बुधवार रात करीब साढ़े नौ बजे हुई। छात्राओं में से एक अपनी दोस्त के साथ विजय नगर के हकीकत पार्क से ओल्ड गुप्ता कॉलोनी की ओर पैदल जा रही थी। इसी दौरान एक सफेद सफारी उनके पास आकर रुकी और उसमें बैठे युवकों ने कथित तौर पर आपत्तिजनक बातें करनी शुरू कर दीं।
छात्राओं ने विरोध किया और आगे बढ़ गईं, लेकिन आरोप है कि वाहन कुछ दूरी तक उनका पीछा करता रहा। जब छात्राओं ने मोबाइल से घटना रिकॉर्ड करने की कोशिश की तो कथित तौर पर फिर अभद्रता की गई और उन्हें गाड़ी के भीतर खींचने का प्रयास किया गया। वीडियो बनते ही वाहन सवार युवक वहां से चले गए।
इसके बाद छात्राएं पुलिस से शिकायत करने पहुंचीं। छात्रा का दावा है कि वह पहले मौरिस नगर थाने गई, जहां क्षेत्राधिकार का हवाला देकर दूसरे थाने जाने को कहा गया। उसका आरोप है कि शिकायत दर्ज कराने के लिए उसे कई घंटों तक अलग-अलग थानों के चक्कर लगाने पड़े और तत्काल FIR नहीं हो सकी।
बाद में छात्रा ने सोशल मीडिया पर घटना का वीडियो साझा करते हुए पुलिस कार्रवाई में देरी का आरोप लगाया। वीडियो सामने आने के बाद मामला तेजी से चर्चा में आया और पुलिस ने मुखर्जी नगर थाने में केस दर्ज कर जांच शुरू की।
पुलिस के अनुसार FIR में भारतीय न्याय संहिता की धारा 78, धारा 79 और धारा 3(5) के तहत संबंधित प्रावधान लगाए गए हैं। इसके साथ ही घटनास्थल और आसपास के CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।
उत्तर-पश्चिमी जिला पुलिस ने बताया कि शिकायत में दिए गए वाहन नंबर के आधार पर SUV के मालिक और कथित ड्राइवर की पहचान कर ली गई है। पुलिस के मुताबिक ड्राइवर नमन नाम का दिल्ली यूनिवर्सिटी का छात्र है। वाहन में मौजूद बताए जा रहे दो से तीन अन्य लोगों की पहचान और भूमिका की भी जांच की जा रही है।
पुलिस की टीमें अन्य लोगों की तलाश के साथ यह भी जांच कर रही हैं कि छात्राओं ने शिकायत दर्ज कराने में देरी और अलग-अलग थानों में भेजे जाने का जो आरोप लगाया है, उसकी परिस्थितियां क्या थीं। फिलहाल छात्राओं के आरोपों और पूरे घटनाक्रम की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।


