Land-For-Jobs Scam Case: जमीन के बदले नौकरी मामले में लालू यादव और तेजस्वी के लिए नई मुसीबत, कोर्ट ने जारी किया समन

Land-For-Jobs Scam Case: जमीन के बदले नौकरी मामले में लालू यादव और तेजस्वी के लिए नई मुसीबत, कोर्ट ने जारी किया समन

‘जॉब के बदले जमीन’ घोटाला मामला मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित रेलवे के पश्चिम मध्य क्षेत्र में ग्रुप-डी की नियुक्तियों से जुड़ा है। यह नियुक्तियां लालू प्रसाद के 2004 से 2009 तक रेल मंत्री रहने के दौरान की गई थीं। इसके बदले में नियुक्तियों में शामिल लोगों ने राजद सुप्रीमो के परिवार या सहयोगियों के नाम पर जमीन के टुकड़े उपहार में दिए या हस्तांतरित किए।’ ‘जॉब के बदले जमीन’ घोटाला मामले में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार की मुसीबतें खत्म होती नहीं दिख रही हैं। दिल्ली की एक अदालत ने बुधवार को लालू प्रसाद यादव, उनके बेटे और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव, तेज प्रताप यादव और छह अन्य के खिलाफ ‘जॉब के बदले जमीन’ धनशोधन मामले में नया समन जारी किया।

विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने आरोपियों को 7 अक्टूबर को अदालत में पेश होने का निर्देश दिया। न्यायाधीश ने पूरक आरोपपत्र का संज्ञान लिया और आदेश पारित किया। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 6 अगस्त को अदालत के समक्ष अंतिम रिपोर्ट दाखिल की थी। केंद्रीय जांच एजेंसी ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा दर्ज की गई एफआईआर के आधार पर अपना मामला दर्ज किया। ईडी ने कहा कि यह मामला मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित रेलवे के पश्चिम मध्य क्षेत्र में ग्रुप-डी की नियुक्तियों से संबंधित है, जो 2004 से 2009 तक लालू प्रसाद के रेल मंत्री रहने के दौरान आरजेडी सुप्रीमो के परिवार या सहयोगियों के नाम पर उपहार में दी गई या हस्तांतरित की गई जमीन के बदले में की गई थी। यह पहली बार है जब तेज प्रताप यादव को इस मामले के सिलसिले में बुलाया गया है। अदालत ने कहा कि तेज प्रताप यादव की संलिप्तता से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि शुरू में उन पर आरोप-पत्र नहीं दायर किया गया था, लेकिन वे एके इंफोसिस लिमिटेड में निदेशक थे और अब उन्हें तलब किया गया है। अन्य आरोप-पत्र दायर व्यक्तियों को भी तलब किया गया है। अदालत ने अपने समन में अखिलेश्वर सिंह और उनकी पत्नी किरण देवी को भी शामिल किया है। ईडी ने 6 अगस्त को एक पूरक आरोप-पत्र दायर किया, जिसमें 11 आरोपियों को सूचीबद्ध किया गया। इनमें से चार व्यक्तियों की मृत्यु हो चुकी है।

अदालत ने लालू प्रसाद यादव, तेजस्वी यादव, तेज प्रताप यादव, अखिलेश्वर सिंह, हजारी प्रसाद राय, संजय राय, धर्मेंद्र सिंह और किरण देवी को निर्देश दिया है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि ईडी ने अखिलेश्वर सिंह को आरोपी बनाया था, जबकि उनकी पत्नी किरण देवी पर शुरू में आरोप नहीं लगाया गया था। हालांकि, वह अपने बेटे अभिषेक की नौकरी के बदले मीसा भारती को जमीन बेचने के मामले में शामिल हैं। अदालत ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई के लिए पर्याप्त सामग्री है।

इस बीच, मंगलवार को दिल्ली उच्च न्यायालय ने भारतीय रेलवे में कथित घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में लालू प्रसाद के करीबी सहयोगी अमित कत्याल को जमानत दे दी, जबकि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा अपनाई गई “चुनने और चुनने” की नीति की निंदा की।

अदालत ने कहा कि मामले में किसी अन्य आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने और इस तथ्य के बावजूद कि कत्याल जांच में शामिल हो गए थे, उन्हें रांची जाते समय इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से बेवजह गिरफ्तार कर लिया गया।

Hot this week

Big Indian AI SuperChip Dream: Bharatiya Chips Powering the Electronic Revolution

Indian firms are thus in a position to help...

Gorakhpur : गुरु गोरखनाथ का पूजन कर विजयादशमी शोभायात्रा निकालेंगे गोरक्षपीठाधीश्वर

Gorakhpur : विजयादशमी (दशहरा) का पावन पर्व गोरक्षपीठ की...

Topics

Lucknow : योगी सरकार में समावेशी शिक्षा को नई दिशा, प्रशस्त 2.0 से जुड़े 9.20 लाख शिक्षक

Lucknow : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर...
spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img