स्वास्थ्य अनुसंधान में AI के प्रयोग से आएगी क्रांति

नई दिल्ली. 11 सितम्बर :राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर ने बुधवार को केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव अपूर्व चंद्रा की उपस्थिति में एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। समझौता ज्ञापन पर मंत्रालय की अतिरिक्त सचिव व एनएचए की सीईओ एल.एस. चांगसन और आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रोफेसर मनिंद्र अग्रवाल ने हस्ताक्षर किए।

इस अवसर पर अपूर्व चंद्रा ने कहा, एआई मॉडल की तुलना और सत्यापन के लिए एक खुला सार्वजनिक बेंचमार्किंग प्लेटफ़ॉर्म विकसित होने से स्वास्थ्य अनुसंधान के क्षेत्र में क्रांति आएगी। उन्होंने बताया कि समझौता ज्ञापन के तहत, आईआईटी कानपुर द्वारा विभिन्न मशीन लर्निंग मॉडल पाइपलाइनों में एक फ़ेडरेटेड लर्निंग प्लेटफ़ॉर्म, एक गुणवत्ता-संरक्षण डेटाबेस तैयार किया जाएगा। साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) मॉडल की तुलना और सत्यापन के लिए एक ओपन बेंचमार्किंग प्लेटफ़ॉर्म और आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के तहत अनुसंधान के लिए प्रबंधन प्रणाली का विकास किया जाएगा। बाद में इस प्लेटफार्म को एनएचए द्वारा संचालित और नियंत्रित किया जाएगा, जिससे स्वास्थ्य परिणामों में सुधार के लिए एआई की अपार क्षमता का दोहन हो सकेगा।

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