UP RERA: फ्लैट और दुकान खरीदार परियोजना के निर्धारित खाते में ही करें भुगतान, दूसरे खाते में रकम मांगने पर दें सूचना
नोएडा। उत्तर प्रदेश भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) ने बिल्डर परियोजनाओं में फ्लैट और दुकान खरीदने वाले लोगों से बुकिंग राशि और किस्त का भुगतान परियोजना के निर्धारित वसूली खाते में ही करने की अपील की है। प्राधिकरण ने इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी करते हुए खरीदारों को भुगतान से पहले खाते का विवरण सत्यापित करने की सलाह दी है। यूपी रेरा का कहना है कि निर्धारित खाते में भुगतान करने और खाते की जानकारी की जांच करने से लेन-देन में पारदर्शिता बनाए रखने तथा खरीदारों के धन की सुरक्षा में मदद मिलेगी।
प्राधिकरण के अनुसार, किसी भी बिल्डर परियोजना में बुकिंग या किस्त की राशि जमा करने से पहले खरीदारों को यूपी रेरा की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर संबंधित परियोजना के कलेक्शन अकाउंट यानी वसूली खाते का विवरण अवश्य देखना चाहिए। भुगतान के लिए खाते की जानकारी की पुष्टि करना जरूरी है, ताकि रकम सही खाते में जमा हो और भविष्य में किसी तरह की परेशानी से बचा जा सके।
यूपी रेरा ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई बिल्डर या विकासकर्ता खरीदार से परियोजना के निर्धारित वसूली खाते के बजाय किसी अन्य बैंक खाते में बुकिंग राशि या किस्त जमा करने के लिए कहता है, तो इसकी जानकारी तत्काल प्राधिकरण को दी जानी चाहिए। खरीदारों को ऐसे मामलों में बिना सत्यापन के किसी दूसरे खाते में भुगतान करने से बचने की सलाह दी गई है।
खरीदारों की सुविधा के लिए प्राधिकरण ने अपनी वेबसाइट पर परियोजनाओं के अन्य खातों से संबंधित जानकारी देखने के लिए विशेष लिंक उपलब्ध कराया है। इस लिंक के माध्यम से संबंधित परियोजना के खाते का विवरण जांचा जा सकता है
प्राधिकरण ने खरीदारों को तीन प्रमुख बातों का ध्यान रखने की सलाह दी है। पहली, बुकिंग राशि और किस्त का भुगतान केवल परियोजना के निर्धारित वसूली खाते में करें। दूसरी, रकम जमा करने से पहले यूपी रेरा के पोर्टल पर खाते का विवरण सत्यापित कर लें। तीसरी, यदि बिल्डर या विकासकर्ता किसी अन्य खाते में भुगतान करने के लिए कहता है, तो इसकी सूचना तुरंत यूपी रेरा को दें।
यूपी रेरा की इस अपील का उद्देश्य बिल्डर परियोजनाओं में भुगतान प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाना और घर या दुकान खरीदने वाले लोगों को संभावित वित्तीय जोखिमों से बचने के लिए सतर्क करना है। खरीदारों को सलाह दी गई है कि वे भुगतान से जुड़ी जानकारी की पुष्टि करने के बाद ही रकम जमा करें और खाते में बदलाव या दूसरे खाते में भुगतान की मांग होने पर प्राधिकरण को जानकारी दें।


