Greater Noida Farmers Compensation: किसानों को मिलेगा 64.70% अतिरिक्त मुआवजा, लंबे समय से लंबित मामलों के निस्तारण का रास्ता साफ
नोएडा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण क्षेत्र के किसानों को 64.70 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजा मिलने का रास्ता साफ होने के बाद प्रभावित किसानों में उम्मीद जगी है। सोमवार को कई गांवों के किसानों ने जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह से मुलाकात कर इस फैसले के लिए आभार जताया। किसानों ने कहा कि अतिरिक्त मुआवजे की वर्षों पुरानी मांग पर आगे बढ़ने का रास्ता खुलने से उन्हें राहत मिलने की उम्मीद है।
उत्तर प्रदेश सरकार ने स्पष्ट किया है कि वर्ष 2002 से 2013 के बीच जिन किसानों की जमीन अधिग्रहित की गई थी और जिन्हें अब तक 64.70 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजा नहीं मिला है, उनके मामलों में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण मौजूदा नियमों के तहत निर्णय ले सकता है। इस फैसले से उन पात्र किसानों को राहत मिलने की संभावना है, जो लंबे समय से अतिरिक्त मुआवजे का इंतजार कर रहे हैं। अब संबंधित मामलों में निर्धारित नियमों और पात्रता के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकेगी।
जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह ने इस मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयासों के लिए उनका आभार जताया। विधायक ने कहा कि किसानों की लंबे समय से चली आ रही समस्या के समाधान की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम है। उनके अनुसार, सरकार के स्तर पर स्पष्टता आने से अतिरिक्त मुआवजे से जुड़े लंबित मामलों पर निर्णय लेने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
विधायक धीरेंद्र सिंह ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों से कहा कि पात्र किसानों के लंबित मामलों का निस्तारण पारदर्शी तरीके से और समयबद्ध ढंग से किया जाए। उन्होंने जोर दिया कि किसानों को अपने मुआवजे के लिए अनावश्यक रूप से परेशान न होना पड़े और प्रत्येक मामले में नियमों के अनुसार कार्रवाई हो। विधायक ने भरोसा दिलाया कि पात्र किसानों को उनका हक दिलाने के लिए प्रयास जारी रहेंगे।
इस संबंध में विधायक से मुलाकात करने वालों में घरबरा, लडपुरा, इमलियाका, कासना और पीपलका समेत कई गांवों के किसान शामिल रहे। किसानों ने अतिरिक्त मुआवजे के मुद्दे पर आगे की प्रक्रिया जल्द पूरी होने की उम्मीद जताई। उनका कहना था कि लंबे समय से लंबित इस मांग पर स्पष्टता आने से अब संबंधित मामलों के निस्तारण की उम्मीद बढ़ी है।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण और अतिरिक्त मुआवजे का मुद्दा प्रभावित किसानों के लिए लंबे समय से महत्वपूर्ण रहा है। सरकार की ओर से दी गई स्पष्टता के बाद अब पात्रता और लागू नियमों के आधार पर किसानों के मामलों पर निर्णय लिया जा सकेगा। हालांकि, संबंधित किसानों को वास्तविक भुगतान के लिए प्राधिकरण की प्रक्रिया और व्यक्तिगत मामलों में लिए जाने वाले निर्णयों का इंतजार रहेगा।


