Newborn Baby Theft: बहन को बच्चा न होने पर महिला ने नोएडा के अस्पताल से चुराई नवजात, भाई समेत गिरफ्तार
नोएडा। सेक्टर-110 स्थित मैटरनिटी चाइल्ड अस्पताल से तीन दिन की नवजात बच्ची चोरी करने के मामले में पुलिस ने आरोपी महिला और उसके भाई को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, महिला ने अपनी बहन को बच्चा देने के लिए इस वारदात की साजिश रची थी। उसकी बहन की शादी करीब नौ साल पहले हुई थी, लेकिन अब तक उसकी कोई संतान नहीं हुई थी। बच्चा न होने के कारण उसे लोगों के ताने सुनने पड़ते थे। इसी से परेशान होकर आरोपी महिला ने नवजात बच्ची को चोरी करने की योजना बनाई। पुलिस ने शुक्रवार रात दिल्ली से बच्ची को सकुशल बरामद कर लिया। बच्ची के सुरक्षित घर लौटने पर परिवार ने राहत की सांस ली और पुलिस का आभार जताया।
एसीपी दीक्षा सिंह ने बताया कि आरोपी महिला की पहचान बागपत निवासी उपासना के रूप में हुई है। वह दिल्ली के करावल नगर निवासी अपने भाई कपिल के साथ स्कूटी पर नवजात बच्ची को लेकर गई थी। पुलिस के अनुसार, वारदात को अंजाम देने की तैयारी के तहत उपासना ने करीब नौ दिन पहले नोएडा के भंगेल में किराये पर कमरा लिया था। पुलिस ने मामले की जांच के दौरान आरोपी महिला और उसके भाई को गिरफ्तार कर लिया है। घटना में इस्तेमाल की गई स्कूटी भी कब्जे में ले ली गई है।
बच्ची के पिता गौतम नंदन की शिकायत पर इस मामले में मुकदमा दर्ज किया गया था। गौतम कैब चलाते हैं और भंगेल में अपनी पत्नी सपना तथा माता-पिता के साथ किराये के कमरे में रहते हैं। सपना को छह अक्टूबर को सेक्टर-110 स्थित मैटरनिटी चाइल्ड अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसी दिन ऑपरेशन के जरिए उनकी बेटी का जन्म हुआ था। नवजात दंपति की पहली संतान है।
परिजनों के मुताबिक, शुक्रवार सुबह करीब आठ बजे गौतम अपनी पत्नी सपना के साथ चिकित्सक के पास गए थे। उस समय बच्ची उनकी सास रक्षा देवी के पास थी। रक्षा देवी अस्पताल में सामान समेट रही थीं। इसी दौरान वहां मौजूद एक महिला ने बच्ची को संभालने के बहाने परिवार का विश्वास हासिल किया और उसे लेकर चली गई।
सपना ने बताया कि संदिग्ध महिला ने परिवार को सरकारी सहायता दिलाने की बात कहकर भरोसे में लिया था। उसने कहा था कि बेटी पैदा होने पर सरकार की ओर से चार हजार रुपये की आर्थिक सहायता मिलती है। इसके लिए कुछ कागजी कार्रवाई करनी होगी और बच्ची को भी साथ लेकर जाना पड़ेगा। परिवार को महिला की बातों पर विश्वास हो गया। इसी का फायदा उठाकर वह नवजात को लेकर अस्पताल से निकल गई।
कुछ समय बाद जब परिजनों को बच्ची दिखाई नहीं दी तो उन्होंने अस्पताल में उसकी तलाश शुरू की। काफी खोजबीन के बावजूद बच्ची का पता नहीं चलने पर अस्पताल में हंगामे की स्थिति बन गई। सूचना मिलने पर अस्पताल के अधिकारी और स्वास्थ्यकर्मी भी मौके पर पहुंचे। इसके बाद फेज-दो थाना पुलिस को घटना की जानकारी दी गई।
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बच्ची की तलाश के लिए तत्काल दो टीमें गठित कीं। एक टीम ने संभावित स्थानों पर तलाश शुरू की, जबकि दूसरी टीम ने अस्पताल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज से मिले सुराग के आधार पर पुलिस दिल्ली पहुंची और नवजात बच्ची को सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस ने वारदात के करीब दस घंटे के भीतर मामले का खुलासा कर दिया।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ के शुरुआती दौर में आरोपी महिला ने बच्ची को रुपये देकर लाने की बात कही थी, जबकि बच्ची के परिजनों ने इससे इनकार किया। जांच में सामने आया कि आरोपी अपनी बहन को बच्चा न होने के कारण मिल रहे तानों से परेशान थी और उसे बच्चा देने के इरादे से नवजात को चोरी करने की योजना बनाई थी।
बच्ची के सुरक्षित मिलने के बाद परिवार में खुशी का माहौल है। नवजात के घर लौटने से परिजनों ने राहत की सांस ली। पुलिस अब मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।


