Adulterated Spices: ग्रेटर नोएडा वेस्ट में मिलावटी मसाले बनाने वाली फैक्टरी पकड़ी, 3,759 किलो सामग्री बरामद
नोएडा। ग्रेटर नोएडा वेस्ट में खाद्य विभाग की टीम ने मिलावटी मसाले बनाने वाली फैक्टरी पर कार्रवाई करते हुए बड़ी मात्रा में संदिग्ध सामग्री बरामद की है। धर्मेश इंडस्ट्रीज नाम की मसाला निर्माण इकाई में मिर्च और हल्दी पाउडर बनाने के लिए कथित तौर पर हानिकारक रंगों का इस्तेमाल किया जा रहा था। इसके अलावा धनिया पाउडर में डंडी की भूसी मिलाकर उसकी मात्रा बढ़ाने और रंग के जरिए उसे असली जैसा दिखाने का आरोप है। कार्रवाई के दौरान विभाग की टीम ने कुल 3,759 किलोग्राम सामग्री बरामद की और फैक्टरी को सील कर दिया।
सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय सर्वेश मिश्रा ने बताया कि जांच के दौरान फैक्टरी में मसालों में मिलावट किए जाने की जानकारी सामने आई। आरोप है कि मिर्च और हल्दी पाउडर की मात्रा बढ़ाने के लिए उनमें दूसरी सामग्री मिलाई जा रही थी। इसके बाद पाउडर को आकर्षक रंग देने के लिए रंगों का इस्तेमाल किया जाता था। धनिया पाउडर में भी धनिया की डंडी की भूसी मिलाई जा रही थी और रंग डालकर उसे असली धनिया पाउडर जैसा दिखाने की कोशिश की जा रही थी।
खाद्य विभाग की टीम को फैक्टरी से मिर्च के बीज, हल्दी पाउडर, धनिया पाउडर, मिर्च पाउडर और अन्य कच्ची सामग्री मिली। बरामद सामग्री में 125 किलोग्राम मिर्च के बीज, 1,050 किलोग्राम हल्दी पाउडर, 315 किलोग्राम धनिया पाउडर और 525 किलोग्राम मिर्च पाउडर शामिल हैं। इसके अलावा 360 किलोग्राम धनिया के टुकड़े, 140 किलोग्राम साबुत हल्दी, 600 किलोग्राम धनिया की डंडी की भूसी और 180 किलोग्राम अन्य सामग्री बरामद की गई, जिसमें डंडी और मिर्च के बीज मिले हुए थे।
कार्रवाई के दौरान टीम ने 100 किलोग्राम सोयाबीन की बड़ी, 300 किलोग्राम साबुत मिर्च, दो किलोग्राम पीला रंग, दो किलोग्राम लाल रंग और 60 किलोग्राम सरसों का तेल भी बरामद किया। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, सरसों के तेल का इस्तेमाल मसालों को चमकाने के लिए किया जा रहा था। बरामद रंगों और अन्य सामग्री के इस्तेमाल को लेकर विभाग ने जांच शुरू कर दी है।
खाद्य विभाग ने फैक्टरी में तैयार किए जा रहे विभिन्न मसालों के 13 नमूने भी लिए हैं। इन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। अधिकारियों का कहना है कि प्रयोगशाला की रिपोर्ट आने के बाद मिलावट की प्रकृति और खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की स्थिति स्पष्ट होगी। इसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि धर्मेश इंडस्ट्रीज मसाला निर्माण इकाई के संचालक के खिलाफ बिसरख कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई गई है। फैक्टरी का लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई भी की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, यह इकाई एक साल से अधिक समय से संचालित हो रही थी। फिलहाल फैक्टरी को सील कर दिया गया है और मामले में कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।


