Teacher Recruitment: तीन वर्षों में 10 हजार से अधिक शिक्षक भर्ती, छह माह में 4 हजार और नियुक्तियां होंगी
शिमला। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है। रामपुर विधानसभा क्षेत्र के नोगली में आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में अब तक 10 हजार से अधिक शिक्षकों की भर्ती की जा चुकी है। अगले छह महीनों में चार हजार और शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 150 से अधिक सीबीएसई स्कूल खोले गए हैं। इन स्कूलों में करीब दो हजार शिक्षकों की नियुक्ति की जा चुकी है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को अपने घर के नजदीक बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड से संबद्ध 300 विद्यालयों को स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल हैं और इन क्षेत्रों में धन की कमी को बाधा नहीं बनने दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2021 में पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल के दौरान गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के क्षेत्र में हिमाचल प्रदेश 21वें स्थान पर था, जबकि वर्तमान सरकार के प्रयासों से प्रदेश अब पांचवें स्थान पर पहुंच गया है। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख किया।
स्वास्थ्य क्षेत्र को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी चिकित्सा महाविद्यालयों और अटल मेडिकल सुपर स्पेशियलिटीज संस्थान चमियाना को आधुनिक तकनीक से लैस किया जा रहा है। एम्स की तर्ज पर अत्याधुनिक मशीनें स्थापित की जा रही हैं और करीब 19 वर्ष पुरानी मशीनों को चरणबद्ध तरीके से बदला जा रहा है। उन्होंने बताया कि चिकित्सकों की कमी दूर करने के लिए प्रदेश में 500 चिकित्सकों की नियुक्ति की गई है।
ओपीएस जारी रहेगी, आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए नीति जल्द
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी सरकारी कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ दिया गया है और कांग्रेस सरकार के सत्ता में रहने तक इसे बंद नहीं किया जाएगा। उन्होंने आउटसोर्स कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए नीति तैयार करने की बात कही। मुख्यमंत्री के अनुसार राज्य सरकार इस नीति पर काम कर रही है और इसे आने वाले समय में लागू किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि करुणामूलक आधार पर रोजगार के पात्र मामलों में करीब 70 प्रतिशत मामलों का समाधान किया जा चुका है और पात्र लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है।
मुख्यमंत्री ने पूर्व भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि वर्तमान सरकार को करीब 76 हजार करोड़ रुपये का कर्ज और कर्मचारियों से संबंधित लगभग 10 हजार करोड़ रुपये की देनदारियां विरासत में मिलीं। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व सरकार ने अपने कार्यकाल के अंतिम छह महीनों में पांच हजार करोड़ रुपये से अधिक की घोषणाएं की थीं, लेकिन इनके लिए आवश्यक स्टाफ और आधारभूत ढांचा उपलब्ध नहीं कराया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश का धन जनता का है और सरकार का उद्देश्य इसका उपयोग जनकल्याण तथा विकास के लिए करना है। उन्होंने कहा कि व्यवस्था परिवर्तन का अर्थ गरीब की आवाज सुनना, उसकी समस्याओं को समझना और उसके अनुरूप योजनाओं को लागू करना है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है और बजट में भी इसे विशेष स्थान दिया गया है। उन्होंने कहा कि दूध के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि से पशुपालकों की आय में बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने बताया कि आगामी एक दिसंबर से दूध के न्यूनतम समर्थन मूल्य में फिर वृद्धि की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार हिमाचल प्रदेश के हितों की मजबूती से पैरवी कर रही है। उन्होंने किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें हिमाचल के हितों के अनुरूप समझौता लागू करवाया गया है। उनके अनुसार इससे बिजली उत्पादन के लिए तीन से पांच हजार करोड़ रुपये के संभावित व्यय की बचत हुई है।
उन्होंने कहा कि परियोजना के निर्माण के बाद प्रदेश के खजाने में हर वर्ष करीब 1,500 करोड़ रुपये की आय होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उत्तराखंड भी हिमाचल की तर्ज पर समझौता चाहता था, लेकिन केंद्र सरकार ने ऐसा नहीं होने दिया।
मुख्यमंत्री ने वाइल्ड फ्लावर हॉल मामले का भी उल्लेख किया और कहा कि इसमें प्रदेश सरकार को महत्वपूर्ण सफलता मिली है, जिससे राज्य के खजाने में 401 करोड़ रुपये आए हैं। उन्होंने कहा कि रॉयल्टी से संबंधित कानूनी लड़ाई जीतने के बाद कड़छम वांगतू परियोजना से हिमाचल प्रदेश के लिए हर वर्ष करीब 150 करोड़ रुपये की आय सुनिश्चित हुई है।
‘अपना परिवार, सुखी परिवार’ योजना इसी माह लागू करने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार इसी महीने ‘अपना परिवार, सुखी परिवार’ योजना लागू करने जा रही है। उनके अनुसार योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये की आर्थिक सहायता देने का प्रावधान होगा। इसके साथ ही पात्र परिवारों को 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने की बात भी कही गई।
उन्होंने जनसभा में मौजूद महिला मंडलों को आवश्यक सामान खरीदने के लिए धनराशि उपलब्ध कराने की घोषणा की।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना के तहत 15 लाभार्थियों को आर्थिक सहायता प्रदान की। सुख आश्रय योजना के तहत तीन लाभार्थियों को गृह निर्माण के लिए तीन-तीन लाख रुपये और एक लाभार्थी को एक लाख रुपये की किस्त प्रदान की गई। इसी योजना के तहत एक अन्य लाभार्थी को 16 हजार रुपये की आर्थिक सहायता भी दी गई।
इस अवसर पर सातवें राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष नंदलाल, हिमकोन के अध्यक्ष विकेश चौहान, पूर्व विधायक किशोरी लाल, मिल्कफेड अध्यक्ष बुद्धि सिंह ठाकुर, हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष नरदेव सिंह कंवर, राज्य सहकारी बैंक के अध्यक्ष देवेंद्र श्याम, कांग्रेस पार्टी के उपाध्यक्ष परस राम, कांग्रेस नेता बृज लाल, मंडल अध्यक्ष लालचंद शर्मा, उपायुक्त अनुपम कश्यप, पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।


