Political Dispute: मलूक नागर ने सपा प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल पर की तीखी टिप्पणी, ‘चवन्नी’ बयान को लेकर बढ़ा विवाद
उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय लोकदल के बीच बयानबाजी का सिलसिला जारी है। अखिलेश यादव की ओर से आरएलडी को लेकर की गई ‘चवन्नी’ वाली टिप्पणी के बाद अब आरएलडी के प्रवक्ता मलूक नागर ने सपा के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल पर तीखा हमला बोला है। सहारनपुर में आयोजित आरएलडी की स्वाभिमान रैली के दौरान मलूक नागर ने श्याम लाल पाल के लिए ‘मंदबुद्धि’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया और समाजवादी पार्टी के गठन तथा उसके राजनीतिक इतिहास को लेकर सवाल उठाए।
मलूक नागर ने अपने बयान में कहा कि सपा के प्रदेश अध्यक्ष को समाजवादी पार्टी के इतिहास की जानकारी नहीं है। उन्होंने चौधरी चरण सिंह की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी के गठन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही थी। नागर ने इस दौरान सपा के प्रदेश अध्यक्ष पर व्यक्तिगत टिप्पणी भी की। उनका बयान सामने आने के बाद दोनों दलों के बीच पहले से चल रहा राजनीतिक विवाद और तेज हो गया।
मलूक नागर ने 2022 के विधानसभा चुनाव का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि उस चुनाव में समाजवादी पार्टी को राष्ट्रीय लोकदल के साथ गठबंधन का लाभ मिला था। आरएलडी नेता के मुताबिक उस समय दोनों दलों के बीच गठबंधन ने चुनावी समीकरण को प्रभावित किया था। हालांकि, 2022 के चुनाव में दोनों दलों की भूमिका को लेकर राजनीतिक दलों के अपने-अपने दावे रहे हैं।
दरअसल, विवाद की शुरुआत अखिलेश यादव की आरएलडी को लेकर की गई ‘चवन्नी’ टिप्पणी से हुई थी। इस टिप्पणी के बाद आरएलडी नेताओं ने इसे पार्टी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जाट समुदाय के अपमान से जोड़ते हुए प्रतिक्रिया दी। इसके बाद आरएलडी की ओर से समाजवादी पार्टी के नेताओं पर लगातार बयान सामने आए।
मलूक नागर की टिप्पणी पर समाजवादी पार्टी ने भी प्रतिक्रिया दी। सपा ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर उनके बयान को साझा करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा अपने गठबंधन सहयोगियों के जरिए दलित और पिछड़े समाज का अपमान करवा रही है। सपा ने यह भी दावा किया कि पाल-गडरिया समाज राजनीतिक रूप से एकजुट हो रहा है और पार्टी के PDA गठबंधन के साथ खड़ा है। ये आरोप समाजवादी पार्टी की ओर से लगाए गए हैं।
यह बयान उस समय सामने आया जब सहारनपुर के रामपुर मनिहारान में आरएलडी की ‘स्वाभिमान रैली’ आयोजित की गई थी। रैली में केंद्रीय राज्यमंत्री और आरएलडी अध्यक्ष जयंत चौधरी भी पहुंचे थे। इसी कार्यक्रम के दौरान मलूक नागर ने समाजवादी पार्टी और उसके प्रदेश अध्यक्ष पर निशाना साधा।
उत्तर प्रदेश में दोनों दलों के बीच यह बयानबाजी ऐसे समय में हो रही है जब राज्य की राजनीति में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हैं। सहारनपुर में आरएलडी की संगठनात्मक गतिविधियों में भी आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर चर्चा हो रही है और पार्टी कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने के निर्देश दिए जा रहे हैं।
मलूक नागर के बयान और उस पर सपा की प्रतिक्रिया के बाद यह साफ है कि ‘चवन्नी’ टिप्पणी से शुरू हुआ विवाद अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। दोनों पक्ष अपने-अपने राजनीतिक दावों और बयानों के जरिए इस मुद्दे को आगे बढ़ा रहे हैं। हालांकि, नेताओं की ओर से लगाए गए राजनीतिक आरोप और दावे उनके संबंधित पक्षों के बयान हैं और उन्हें स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।


