World Heart Day 2026: कैलाश अस्पताल में हार्ट हेल्थ पर मंथन, डॉक्टरों ने बताए शुरुआती लक्षण
ग्रेटर नोएडा। विश्व हृदय दिवस 2026 के अवसर पर ग्रेटर नोएडा स्थित कैलाश अस्पताल में हृदय स्वास्थ्य को लेकर विशेष राउंड टेबल मीट का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को हृदय रोग के शुरुआती संकेतों की पहचान, व्यक्तिगत कार्डियोवैस्कुलर जोखिम कारकों और समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने के महत्व के बारे में जागरूक करना रहा। कार्यक्रम की थीम “Don’t Miss a Beat: Are We Missing Early Signs of Heart Disease?” रखी गई।
चर्चा में कार्डियोलॉजी, इमरजेंसी मेडिसिन, इंटरनल मेडिसिन और न्यूट्रिशन से जुड़े विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि हृदय रोग से जुड़े कुछ शुरुआती संकेत सामान्य परेशानी समझकर नजरअंदाज कर दिए जाते हैं। ऐसे लक्षणों की समय रहते पहचान और जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय जांच हृदय स्वास्थ्य की निगरानी में महत्वपूर्ण हो सकती है।
यह कार्यक्रम वर्ल्ड हार्ट फेडरेशन के “Don’t Miss a Beat” अभियान से भी जुड़ा रहा। इस अभियान का उद्देश्य हृदय रोग के लक्षणों और बचाव योग्य जोखिम कारकों को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ाना है। कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने लोगों को अपने स्वास्थ्य और व्यक्तिगत जोखिम कारकों के प्रति सजग रहने की सलाह दी।
शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज न करने की सलाह
ग्रेटर नोएडा के कैलाश अस्पताल में कंसल्टेंट कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. सुनील कुमार मंडल ने हृदय रोग के शुरुआती लक्षणों को पहचानने पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि कई बार मरीज लक्षणों की गंभीरता को समय पर नहीं समझ पाते और उन्हें एसिडिटी, तनाव या सामान्य थकान से जोड़कर नजरअंदाज कर देते हैं।
उन्होंने छाती में दर्द, सांस फूलना, असामान्य थकान, चक्कर आना और शारीरिक गतिविधि के दौरान बेचैनी जैसे लक्षणों पर ध्यान देने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि यदि शरीर में कोई असामान्य बदलाव महसूस हो रहा है तो उसे लगातार नजरअंदाज करने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
डॉ. सुनील कुमार मंडल ने यह भी स्पष्ट किया कि जागरूकता का उद्देश्य लोगों में हर छोटे लक्षण को लेकर डर पैदा करना नहीं है। इसके बजाय लोगों को अपने व्यक्तिगत स्वास्थ्य जोखिमों को समझने और जरूरत पड़ने पर समय पर डॉक्टर से संपर्क करने के लिए प्रोत्साहित करना इसका उद्देश्य है।
इमरजेंसी में समय पर चिकित्सा सहायता जरूरी
कैलाश अस्पताल ग्रेटर नोएडा की सीसीएमओ और डीएमएस-इमरजेंसी मेडिसिन डॉ. रितु सभरवाल ने हृदय संबंधी आपात स्थिति में समय पर चिकित्सा सहायता लेने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हृदय संबंधी गंभीर स्थिति में लक्षण शुरू होने और चिकित्सा सहायता मिलने के बीच का समय महत्वपूर्ण हो सकता है।
उन्होंने बताया कि कई बार मरीज छाती में दर्द, सांस लेने में परेशानी या अन्य असामान्य लक्षणों के बाद इस उम्मीद में इंतजार करते रहते हैं कि परेशानी अपने आप ठीक हो जाएगी। ऐसे मामलों में घर पर स्थिति के अपने आप ठीक होने का इंतजार करने के बजाय आवश्यकता के अनुसार तत्काल चिकित्सकीय सहायता लेना महत्वपूर्ण है।
विशेषज्ञों ने यह भी कहा कि हार्ट अटैक या अन्य हृदय संबंधी समस्या को केवल एक ही तरह के लक्षण से जोड़कर नहीं देखना चाहिए। अलग-अलग लोगों में लक्षण अलग हो सकते हैं। इसलिए असामान्य या गंभीर लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सकीय मूल्यांकन कराना जरूरी है।
राउंड टेबल मीट के दौरान विशेषज्ञों ने हृदय स्वास्थ्य के लिए व्यक्तिगत जोखिम कारकों को समझने, जीवनशैली से जुड़े जोखिमों पर ध्यान देने और समय-समय पर स्वास्थ्य की जांच कराने की जरूरत पर भी चर्चा की। कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को हृदय रोग के शुरुआती संकेतों के प्रति सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर समय पर चिकित्सा सहायता लेने का संदेश दिया गया।


