Menstrual Health: गौतमबुद्धनगर में शिक्षकों के लिए चार दिवसीय ऑनलाइन कार्यशाला शुरू, 350 प्रतिभागी शामिल
नोएडा। गौतमबुद्धनगर में स्कूलों के शिक्षक-शिक्षिकाओं को मासिक धर्म, स्वास्थ्य और स्वच्छता प्रबंधन के प्रति जागरूक करने के लिए चार दिवसीय ऑनलाइन कार्यशाला की शुरुआत शनिवार से हुई। कार्यशाला के पहले दिन बिसरख ब्लॉक के निजी विद्यालयों के करीब 350 शिक्षक-शिक्षिकाओं ने ऑनलाइन माध्यम से हिस्सा लिया। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को छात्राओं के बीच मासिक धर्म को लेकर जागरूकता बढ़ाने और स्वच्छता से जुड़ी जरूरी जानकारी देने के तरीके बताए गए।
कार्यशाला में शिक्षकों को मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन यानी एमएचएम से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि विद्यालय स्तर पर छात्राओं के लिए मासिक धर्म के दौरान आवश्यक सुविधाएं और उचित स्वच्छता व्यवस्था उपलब्ध होना जरूरी है। इसके साथ ही शिक्षकों की भूमिका पर भी चर्चा की गई, ताकि छात्राओं को मासिक धर्म से जुड़े विषयों पर सही और वैज्ञानिक जानकारी उपलब्ध कराई जा सके।
प्रशिक्षण के दौरान विद्यालयों में एमएचएम से संबंधित व्यवस्थाओं और उनकी तैयारी को लेकर भी जानकारी दी गई। शिक्षकों को बताया गया कि स्कूलों में छात्राओं की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जानी चाहिए। कार्यशाला में माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप विद्यालय स्तर पर की जाने वाली तैयारियों के बारे में भी जानकारी साझा की गई।
विभाग के अनुसार कक्षा छह से 12 तक के परिषदीय, राजकीय, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय और मान्यता प्राप्त विद्यालयों में मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन से संबंधित व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया जाना है। इसी उद्देश्य से शिक्षकों को विद्यालयों में उपलब्ध सुविधाओं, स्वच्छता व्यवस्था और छात्राओं को दी जाने वाली जानकारी के संबंध में जागरूक किया जा रहा है।
चार दिवसीय कार्यशाला के माध्यम से शिक्षकों को अलग-अलग पहलुओं पर प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे विद्यालयों में छात्राओं के लिए बेहतर माहौल तैयार करने में सहयोग कर सकें। मासिक धर्म से जुड़े विषयों पर जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी आदतों को प्रोत्साहित करने पर भी जोर दिया जा रहा है।
कार्यशाला का संचालन जिला समन्वयक एवं मास्टर ट्रेनर विनय प्रकाश सिंह और जिला नोडल बालिका शिक्षा अर्चना पाण्डेय ने किया। प्रशिक्षण के पहले दिन बड़ी संख्या में शिक्षकों की भागीदारी रही। अधिकारियों के अनुसार कार्यशाला का उद्देश्य विद्यालयों में मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन से जुड़ी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने और छात्राओं को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के लिए शिक्षकों को तैयार करना है।


