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Yamuna Expressway Fire: पति का आखिरी बार चेहरा देखने अस्पताल से छुट्टी लेकर हिसार पहुंचीं घायल रेखा

Yamuna Expressway Fire: पति का आखिरी बार चेहरा देखने अस्पताल से छुट्टी लेकर हिसार पहुंचीं घायल रेखा

नोएडा। यमुना एक्सप्रेसवे पर हुए स्लीपर बस अग्निकांड में घायल रेखा भारद्वाज ने अपनी चोट और तकलीफ को दरकिनार करते हुए अपने पति देवेंद्र भारद्वाज को आखिरी बार देखने की इच्छा जताई। पति की मौत की खबर मिलने के बाद रेखा बार-बार उनके अंतिम दर्शन करने की बात कह रही थीं। इसके बाद परिजन ने उनकी स्थिति को देखते हुए अस्पताल से छुट्टी दिलाई और उन्हें बृहस्पतिवार शाम हिसार के लिए रवाना किया।

हादसे के बाद रेखा का उपचार जेवर के एक अस्पताल में चल रहा था। इस दौरान परिजनों के माध्यम से उन्हें पति देवेंद्र भारद्वाज की मौत की जानकारी मिली। पति की मौत की खबर सुनकर रेखा भावुक हो गईं और उन्होंने परिजनों से उन्हें आखिरी बार देखने के लिए हिसार ले जाने का आग्रह किया।

रेखा की हालत चोटों के कारण अभी पूरी तरह ठीक नहीं हुई थी। इसके बावजूद वह पति के अंतिम दर्शन करने की इच्छा पर अड़ी रहीं। परिजनों ने उनकी भावनाओं को देखते हुए डॉक्टरों से अस्पताल से छुट्टी देने का आग्रह किया। अस्पताल प्रशासन ने उनकी स्थिति का आकलन करने के बाद आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया और इसके बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई।

हादसे में देवेंद्र भारद्वाज का शव बुरी तरह झुलस गया था। शव की पहचान उनके बेटे सर्वोदय भारद्वाज ने की। परिजनों के अनुसार, सर्वोदय ने पिता के पैर में मौजूद रोड को देखकर उनकी पहचान की। हादसे की भयावहता के कारण शव की पहचान करना परिवार के लिए बेहद कठिन और भावुक कर देने वाला क्षण रहा।

पति की मौत के साथ खुद भी घायल रेखा के लिए अस्पताल से हिसार तक का सफर बेहद पीड़ादायी रहा। एक ओर वह खुद हादसे में घायल थीं और उनका उपचार चल रहा था, वहीं दूसरी ओर उन्हें अपने पति के अंतिम दर्शन के लिए अस्पताल से बाहर निकलना पड़ा।

परिजनों के अनुसार, रेखा की इच्छा थी कि वह अपने पति को आखिरी बार देख सकें। इसी भावनात्मक स्थिति को देखते हुए उन्हें उपचार के बीच हिसार ले जाया गया। यमुना एक्सप्रेसवे के बस अग्निकांड ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है और हादसे में घायल रेखा के सामने अब अपने पति को खोने का दुख और खुद की चोटों से उबरने की चुनौती दोनों हैं।

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संवाददाता

Priyanka Singh

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