Bus Fire Investigation: हादसे के बाद रात में यात्रियों की टिकट राशि लौटाई, सुबह बुकिंग कैंसिल होने से परिजनों में मची अफरातफरी
नोएडा। यमुना एक्सप्रेसवे पर एसी स्लीपर बस में आग लगने के हादसे के बाद यात्रियों के परिजनों को उस समय बड़ा झटका लगा, जब उन्हें सुबह ट्रैवल एजेंसी की ओर से टिकट बुकिंग रद्द होने और भुगतान की राशि वापस किए जाने का संदेश मिला। हादसे से अनजान परिजनों ने जब बस में सफर कर रहे अपने परिचितों को फोन किया तो किसी से संपर्क नहीं हो सका। सभी के मोबाइल फोन बंद मिलने के बाद परिवारों में चिंता और अफरातफरी का माहौल बन गया।
जानकारी के मुताबिक, हादसे वाली बस की टिकट बुकिंग राज कल्पना ट्रैवल एजेंसी के माध्यम से ऑनलाइन की गई थी। यात्रियों के परिजनों का कहना है कि रात करीब 10:30 बजे तक उन्होंने बस में सफर कर रहे अपने परिचितों से फोन पर बातचीत की थी। इसके बाद परिवार के लोग सो गए। सुबह उठने पर उनके मोबाइल पर टिकट बुकिंग कैंसिल किए जाने का संदेश मिला और बुकिंग की रकम भी ऑनलाइन वापस किए जाने की जानकारी सामने आई।
अचानक टिकट कैंसिल होने और पैसे वापस मिलने का संदेश देखकर परिजन घबरा गए। उन्होंने तुरंत बस में यात्रा कर रहे अपने परिचितों को फोन करना शुरू किया, लेकिन किसी से संपर्क नहीं हो सका। लगातार फोन करने के बावजूद यात्रियों के मोबाइल बंद मिलने से परिवार वालों की चिंता और बढ़ गई।
इसके बाद परिजनों ने ट्रैवल एजेंसी से संपर्क किया। वहां से उन्हें बस में आग लगने की जानकारी मिली। हादसे की खबर मिलते ही यात्रियों के परिवारों में अफरातफरी मच गई। परिजनों ने अपने आसपास रहने वाले रिश्तेदारों और परिचितों को फोन कर घटनास्थल की ओर भेजना शुरू किया। साथ ही पुलिस और अन्य संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर अपने परिजनों के बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश की गई।
परिजनों ने यमुना एक्सप्रेसवे के टोल फ्री नंबर पर भी संपर्क किया। काफी प्रयासों के बाद कई परिवारों को अपने परिचितों की स्थिति के बारे में जानकारी मिल सकी। जिन यात्रियों के परिजन सुरक्षित बच गए, उनके परिवारों ने राहत की सांस ली और ईश्वर का शुक्रिया अदा किया। वहीं जिन परिवारों ने इस हादसे में अपने अपनों को खो दिया, उनके बीच मातम पसरा हुआ है।
बस हादसे के बाद टिकट बुकिंग रद्द किए जाने और यात्रियों की राशि वापस किए जाने की पूरी प्रक्रिया भी जांच के दायरे में आ सकती है। हादसे से जुड़े अन्य पहलुओं के साथ ट्रैवल एजेंसी की भूमिका और टिकट संबंधी कार्रवाई की परिस्थितियों की भी पड़ताल किए जाने की जरूरत सामने आ रही है।


