Simhastha 2028: सीएम मोहन यादव के 60 साल पुराने पैतृक मकान पर भी लाल निशान, सड़क चौड़ीकरण की जद में 272 भवन

Simhastha 2028: सीएम मोहन यादव के 60 साल पुराने पैतृक मकान पर भी लाल निशान, सड़क चौड़ीकरण की जद में 272 भवन

उज्जैन। सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के बीच उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण की कार्रवाई तेज हो गई है। पुराने शहर में खजूर वाली मस्जिद से गणेश चौक तक करीब 730 मीटर लंबे मार्ग को 15 मीटर चौड़ा किया जाना है। इस प्रस्तावित सड़क परियोजना की जद में कुल 272 भवन आ रहे हैं। इनमें मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का करीब 60 साल पुराना पैतृक मकान भी शामिल है, जहां उनका जन्म हुआ और बचपन बीता था। नगर निगम के सर्वे के बाद मकान के प्रभावित हिस्से पर लाल निशान लगाए गए हैं।

बताया गया है कि मुख्यमंत्री का पैतृक मकान रवींद्रनाथ टैगोर मार्ग पर स्थित है। सड़क चौड़ीकरण की निर्धारित सीमा में इस मकान का लगभग 2.90 मीटर हिस्सा आ रहा है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री की बहन और उज्जैन नगर निगम की अध्यक्ष कलावती यादव के मकान का करीब 3.8 मीटर हिस्सा भी प्रस्तावित चौड़ीकरण से प्रभावित होगा। इसी मार्ग पर भाजपा महामंत्री और मुख्यमंत्री के बचपन के साथी जगदीश पांचाल का दो मंजिला मकान भी चिह्नित भवनों में शामिल है।

सड़क चौड़ीकरण का यह काम सिंहस्थ 2028 की तैयारियों और शहर में बढ़ते यातायात के दबाव को देखते हुए किया जा रहा है। प्रशासन का उद्देश्य पुराने शहर के संकरे मार्गों को चौड़ा करके यातायात व्यवस्था को सुगम बनाना है। प्रस्तावित 730 मीटर लंबे मार्ग को 15 मीटर चौड़ा करने की योजना पर नगर निगम ने कार्रवाई शुरू कर दी है। इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 9.80 करोड़ रुपये बताई गई है।

मुख्यमंत्री मोहन यादव के परिवार की ओर से सड़क चौड़ीकरण के लिए सहयोग का रुख सामने आया है। रिपोर्ट के मुताबिक परिवार ने निजी भावनाओं और पुराने मकान से जुड़ी यादों के बावजूद शहर के विकास को प्राथमिकता देने की बात कही है। नगर निगम अध्यक्ष कलावती यादव ने अधिकारियों से काम में निष्पक्षता बरतने को कहा है और यह स्पष्ट किया है कि सड़क चौड़ीकरण की प्रक्रिया सभी प्रभावित लोगों के साथ समान रूप से की जानी चाहिए।

मुख्यमंत्री के बचपन के साथी जगदीश पांचाल ने भी अपने मकान का प्रभावित हिस्सा दिए जाने पर सहमति जताई है। उनके अनुसार इस मकान से मुख्यमंत्री के बचपन और छात्र जीवन की कई यादें जुड़ी हैं। बताया गया है कि मोहन यादव ने इसी घर में रहकर पढ़ाई की, पारंपरिक अखाड़े की गतिविधियों से जुड़े और छात्र राजनीति में अपना पहला चुनाव भी लड़ा था।

मुख्यमंत्री के पैतृक मकान का इतिहास भी पुराना है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक यह मकान वर्ष 1974 में उनके दादा रामचंद्र यादव ने बनवाया था। इसी घर में परिवार की कई पीढ़ियों ने समय बिताया। परिवार के अन्य सदस्यों के मकान भी इसी इलाके में बताए गए हैं और सड़क चौड़ीकरण से इनमें से कई संपत्तियों का कुछ हिस्सा प्रभावित हो रहा है।

मुख्यमंत्री के भतीजे अनंत यादव ने भी सड़क चौड़ीकरण को लेकर सकारात्मक रुख जताया है। उन्होंने बताया कि उनके मकान का करीब 12 फीट हिस्सा प्रस्तावित सड़क में आ रहा है। उन्होंने कहा कि परिवार के कई मकान इस क्षेत्र में हैं और सभी पर किसी न किसी स्तर पर असर पड़ रहा है। उनके मुताबिक मौजूदा सड़क संकरी होने के कारण यातायात और पार्किंग की समस्या बनी रहती है। चौड़ीकरण के बाद लोगों को आवागमन में सुविधा मिलने के साथ इलाके में व्यावसायिक गतिविधियों के लिए भी बेहतर परिस्थितियां बन सकती हैं।

नगर निगम की ओर से जीवाजीगंज थाने के आसपास नाप-जोख और शुरुआती डिमोलिशन प्रक्रिया शुरू किए जाने की जानकारी है। सड़क की चौड़ाई बढ़ाने के लिए भवनों की सीमा को चिह्नित किया जा रहा है और प्रभावित हिस्सों पर निशान लगाए गए हैं। सिंहस्थ के दौरान उज्जैन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन शहर के प्रमुख मार्गों और यातायात ढांचे को पहले से तैयार करने में जुटा है।

सिंहस्थ 2028 के मद्देनजर उज्जैन में कई स्थानों पर सड़क चौड़ीकरण और आधारभूत ढांचे से जुड़े काम चल रहे हैं। हाल के दिनों में शहर के अलग-अलग हिस्सों में भवनों और अन्य निर्माणों को लेकर सर्वे, सीमांकन और हटाने की प्रक्रिया भी सामने आई है। ऐसे में मुख्यमंत्री के पैतृक मकान का सड़क परियोजना की जद में आना इस पूरी प्रक्रिया का एक चर्चित पहलू बन गया है।

इस मामले में खास बात यह है कि सड़क चौड़ीकरण की कार्रवाई किसी एक परिवार या संपत्ति तक सीमित नहीं है। नगर निगम के अनुसार इस मार्ग पर कुल 272 भवन प्रभावित हो रहे हैं। इनमें अलग-अलग परिवारों के मकान और अन्य निर्माण शामिल हैं। प्रशासन की ओर से परियोजना को शहर की यातायात जरूरतों और सिंहस्थ की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है।

उज्जैन में सिंहस्थ 2028 के लिए सड़क, यातायात और श्रद्धालुओं की आवाजाही से जुड़ी तैयारियां लगातार आगे बढ़ रही हैं। ऐसे में पुराने शहर के संकरे मार्गों को चौड़ा करना प्रशासन की प्रमुख योजनाओं में शामिल है। मुख्यमंत्री के पैतृक घर समेत बड़ी संख्या में भवनों का प्रभावित होना इस विकास परियोजना के व्यापक दायरे को दिखाता है। अब आने वाले दिनों में चिह्नित हिस्सों को हटाने और सड़क चौड़ीकरण का काम किस गति से आगे बढ़ता है, इस पर सभी की नजर रहेगी।

 

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