Flight Diversion: रांची में खराब मौसम के कारण दो इंडिगो विमान वाराणसी डायवर्ट, अर्जुन मुंडा भी थे सवार
वाराणसी। झारखंड की राजधानी रांची में शुक्रवार को खराब मौसम के कारण हवाई यातायात प्रभावित रहा। बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर मौसम की स्थिति अनुकूल नहीं होने के चलते रांची जाने वाले इंडिगो के दो विमानों को वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट की ओर डायवर्ट करना पड़ा। दोनों विमानों ने वाराणसी में सुरक्षित लैंडिंग की। इनमें दिल्ली से रांची जा रहे एक विमान में झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री अर्जुन मुंडा भी सवार थे।
जानकारी के अनुसार, इंडिगो की उड़ान संख्या 6E 6484 पुणे से रांची के लिए रवाना हुई थी। रांची पहुंचने के दौरान वहां मौसम खराब था और विमान के लिए लैंडिंग की स्थिति अनुकूल नहीं थी। ऐसे में पायलट ने वाराणसी एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क किया। अनुमति मिलने के बाद विमान का रुख वाराणसी की ओर किया गया। यह विमान सुबह करीब 9:15 बजे 163 यात्रियों और सात क्रू सदस्यों के साथ वाराणसी एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतरा।
वाराणसी एयरपोर्ट पर विमान की लैंडिंग के बाद यात्रियों को बाहर निकाला गया और उनका सामान भी उपलब्ध कराया गया। यात्रियों की आगे की यात्रा को देखते हुए एयरलाइन की ओर से कनेक्टिंग फ्लाइट अथवा सड़क मार्ग से वैकल्पिक व्यवस्था किए जाने की प्रक्रिया शुरू की गई। खराब मौसम के कारण यात्रा कार्यक्रम प्रभावित होने से यात्रियों को कुछ समय तक एयरपोर्ट पर इंतजार करना पड़ा।
इसी दौरान इंडिगो की दूसरी उड़ान 6E 6370 भी मौसम की वजह से रांची नहीं पहुंच सकी। दिल्ली से रांची जा रहे इस विमान में कुल 216 यात्री और छह क्रू सदस्य सवार थे। रांची में लैंडिंग के लिए मौसम अनुकूल नहीं होने पर विमान को वाराणसी डायवर्ट किया गया और यह करीब 10:16 बजे वाराणसी एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतरा। विमान को एयरपोर्ट के बे नंबर एक पर पार्क किया गया।
इस विमान में अर्जुन मुंडा भी यात्रा कर रहे थे। वाराणसी पहुंचने के बाद विमान में सवार 216 यात्रियों में से 64 यात्रियों ने वाराणसी में ही उतरने का विकल्प चुना। इसके बाद विमान में मौजूद अन्य यात्रियों को लेकर उड़ान करीब 12:40 बजे रांची के लिए रवाना हुई। मौसम की स्थिति में सुधार के बाद विमान को उसके निर्धारित गंतव्य की ओर भेजा गया।
रांची में शुक्रवार को खराब मौसम का असर व्यापक रूप से देखने को मिला। तेज हवाओं और बारिश के कारण विमानों की लैंडिंग और टेकऑफ प्रभावित हुए। कई विमानों को दूसरे एयरपोर्ट की ओर डायवर्ट करना पड़ा, जबकि बड़ी संख्या में उड़ानों को रद्द भी किया गया। इससे रांची आने-जाने वाले यात्रियों के यात्रा कार्यक्रम में बदलाव करना पड़ा।
मौसम की प्रतिकूल स्थिति का असर कनेक्टिंग फ्लाइट लेने वाले यात्रियों पर भी पड़ा। जिन यात्रियों को रांची पहुंचने के बाद दिल्ली, बेंगलुरु, पटना या अन्य शहरों के लिए आगे की उड़ान पकड़नी थी, उनके कार्यक्रम प्रभावित हुए। कुछ यात्रियों को टिकट बदलने, दूसरी उड़ान की तलाश करने या वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था करने की जरूरत पड़ी।
रांची में शुक्रवार सुबह तक पिछले 24 घंटे के दौरान 41 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग की ओर से क्षेत्र में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी भी दी गई थी। तेज हवाओं और लगातार बारिश के कारण विमानों के संचालन में दिक्कतें सामने आईं और लैंडिंग की स्थिति कई बार अनुकूल नहीं रही।
पुणे से रांची जा रहे विमान के मामले में यात्रियों की यात्रा व्यवस्था के साथ एक अन्य संवेदनशील स्थिति भी सामने आई। विमान में एक पार्थिव शरीर भी रांची ले जाया जा रहा था। खराब मौसम के कारण विमान को वाराणसी उतारने के बाद यात्रियों के लिए सड़क मार्ग से आगे की व्यवस्था की गई, जबकि पार्थिव शरीर विमान के साथ ही रखा गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार विमान के बाद में पुणे लौटने और वहां से अगले दिन रांची पहुंचने की व्यवस्था की गई।
वाराणसी एयरपोर्ट पर दोनों विमानों की सुरक्षित लैंडिंग के बाद एयरलाइन और एयरपोर्ट प्रशासन की ओर से यात्रियों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। यात्रियों की स्थिति और उनके गंतव्य के अनुसार आगे की यात्रा के विकल्प तैयार किए गए। खराब मौसम के कारण उत्पन्न इस स्थिति में सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि दोनों डायवर्ट किए गए विमान वाराणसी में सुरक्षित उतरे।
रांची एयरपोर्ट पर मौसम में सुधार होने के बाद विमान संचालन को सामान्य करने की कोशिशें जारी रहीं। हालांकि, दिनभर मौसम के उतार-चढ़ाव के कारण हवाई सेवाओं पर इसका असर बना रहा। इस पूरी घटना ने एक बार फिर दिखाया कि खराब मौसम की स्थिति में विमानन कंपनियां और एयर ट्रैफिक कंट्रोल यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उड़ानों के मार्ग में बदलाव कर सकते हैं।


