Defamation Case: आदित्य ठाकरे ने 500 करोड़ रुपये के मानहानि नोटिस का दिया जवाब, माफी मांगने और पोस्ट हटाने से किया इनकार

Defamation Case: आदित्य ठाकरे ने 500 करोड़ रुपये के मानहानि नोटिस का दिया जवाब, माफी मांगने और पोस्ट हटाने से किया इनकार

मुंबई। शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे ने दिवंगत दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान की ओर से भेजे गए 500 करोड़ रुपये के मानहानि नोटिस का जवाब दिया है। आदित्य ठाकरे की ओर से उनके वकील के माध्यम से भेजे गए जवाब में नोटिस में लगाए गए आरोपों और मांगों को खारिज किया गया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर किए गए अपने पोस्ट को हटाने और सार्वजनिक माफी मांगने से भी इनकार किया है।

सतीश सालियान की ओर से आदित्य ठाकरे को कानूनी नोटिस भेजा गया था, जिसमें उनके सोशल मीडिया पोस्ट और दिशा सालियान से जुड़े सार्वजनिक बयानों को लेकर आपत्ति जताई गई थी। नोटिस में कथित मानहानिकारक बयानों के लिए 500 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की गई थी। साथ ही संबंधित पोस्ट हटाने और माफी मांगने की मांग भी रखी गई थी।

आदित्य ठाकरे की ओर से दिए गए जवाब में कहा गया है कि जिन सोशल मीडिया पोस्ट का हवाला नोटिस में दिया गया है, उनमें सतीश सालियान का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया गया था। उनके पक्ष ने यह भी सवाल उठाया है कि नोटिस में किस विशेष कथन को मानहानिकारक माना गया है, इसे स्पष्ट रूप से चिन्हित नहीं किया गया।

बताया गया है कि आदित्य ठाकरे की ओर से दिया गया जवाब विस्तृत है और इसमें नोटिस में लगाए गए विभिन्न आरोपों और कानूनी दावों पर अलग-अलग प्रतिक्रिया दी गई है। उनके पक्ष ने नोटिस की उस मांग को भी स्वीकार नहीं किया है, जिसमें पोस्ट हटाने, सार्वजनिक रूप से माफी मांगने और आर्थिक मुआवजा देने की बात कही गई थी।

आदित्य ठाकरे ने दिशा सालियान से अपने किसी व्यक्तिगत परिचय या मुलाकात से इनकार किया है। उनके पक्ष का कहना है कि दिशा सालियान की मौत से संबंधित मामले की जांच अपने निर्धारित कानूनी तरीके से होनी चाहिए और जांच एजेंसियों के निष्कर्ष आने से पहले किसी व्यक्ति पर आरोप तय नहीं किए जाने चाहिए।

दिशा सालियान की मौत 8 जून 2020 को मुंबई में हुई थी। उनकी मौत को लेकर समय-समय पर अलग-अलग दावे और आरोप सामने आते रहे हैं। इस मामले में दिशा के परिवार की ओर से दोबारा जांच की मांग भी की गई। बाद के घटनाक्रम में जांच एजेंसियों और अदालतों के स्तर पर भी मामला आगे बढ़ा।

सतीश सालियान की ओर से दिशा की मौत की परिस्थितियों को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। उनके पक्ष का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जरूरी है। इसी सिलसिले में कथित साक्ष्यों और अन्य सामग्री को जांच एजेंसी के सामने रखने की बात भी कही गई है। इन दावों और साक्ष्यों की वैधता तथा प्रमाणिकता का अंतिम निर्धारण संबंधित जांच और कानूनी प्रक्रिया के तहत होना है।

आदित्य ठाकरे के जवाब में यह तर्क भी दिया गया है कि किसी मामले की दोबारा जांच या जांच का आदेश अपने आप में किसी व्यक्ति को दोषी साबित नहीं करता। उनके पक्ष का कहना है कि किसी भी आरोप पर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही निकाला जा सकता है।

मानहानि के नोटिस को लेकर अब मामला सिर्फ सार्वजनिक बयानबाजी तक सीमित नहीं रहा है। एक तरफ दिशा सालियान की मौत से जुड़े आरोपों की जांच और दूसरी तरफ सार्वजनिक बयानों को लेकर कानूनी विवाद चल रहा है। दोनों मामलों में अलग-अलग कानूनी प्रश्न उठ रहे हैं और आगे की कार्रवाई संबंधित पक्षों की अगली कानूनी प्रक्रिया पर निर्भर करेगी।

आदित्य ठाकरे की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि वह नोटिस में की गई मांगों के अनुसार पोस्ट हटाने या माफी मांगने के लिए तैयार नहीं हैं। उनके पक्ष का कहना है कि यदि नोटिस भेजने वाला पक्ष आगे अदालत या किसी अन्य कानूनी मंच पर कार्रवाई करता है तो उसका जवाब कानून के अनुसार दिया जाएगा।

दूसरी ओर, सतीश सालियान की ओर से दिशा की मौत की परिस्थितियों की गहन जांच की मांग जारी है। परिवार का पक्ष है कि मामले से जुड़े सभी तथ्यों की निष्पक्ष तरीके से पड़ताल होनी चाहिए और उपलब्ध सामग्री की जांच संबंधित एजेंसियों द्वारा की जानी चाहिए।

इस पूरे विवाद के बीच अब आगे की कानूनी कार्रवाई पर नजर रहेगी। मानहानि नोटिस का जवाब दिए जाने के बाद अगला कदम नोटिस भेजने वाले पक्ष की ओर से तय किया जा सकता है। वहीं, दिशा सालियान की मौत से जुड़े जांच संबंधी पहलुओं पर भी संबंधित एजेंसियों की कार्रवाई आगे बढ़ेगी।

फिलहाल आदित्य ठाकरे ने 500 करोड़ रुपये के मानहानि नोटिस को स्वीकार करने के बजाय उसका विस्तृत जवाब दिया है और पोस्ट हटाने तथा माफी मांगने से इनकार किया है। मामले से जुड़े आरोप, जांच और कानूनी दावे अभी प्रक्रिया में हैं और अंतिम स्थिति आगे की न्यायिक तथा जांच संबंधी कार्रवाई से स्पष्ट होगी।

 

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