Greater Noida West Metro: 15 अक्टूबर तक मिल सकती है मेट्रो परियोजना को मंजूरी, 7.5 किमी का होगा एलिवेटेड कॉरिडोर
नोएडा। ग्रेटर नोएडा वेस्ट में रहने वाले लाखों लोगों के लिए मेट्रो कनेक्टिविटी को लेकर जल्द बड़ा फैसला हो सकता है। सेक्टर-51 से ग्रेटर नोएडा वेस्ट के सेक्टर-4 यानी किसान चौक के पास तक प्रस्तावित मेट्रो कॉरिडोर को 15 अक्टूबर तक मंजूरी मिलने की उम्मीद जताई गई है। मंजूरी मिलने के बाद परियोजना को धरातल पर उतारने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।
एनएमआरसी के एमडी कृष्णा करुणेश के अनुसार मेट्रो परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) पिछले महीने प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजी गई थी। निर्माण से संबंधित आवश्यक अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) भी प्राप्त हो चुके हैं। अब परियोजना के लिए पीएमओ की मंजूरी का इंतजार है। मंजूरी मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू कराने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।
प्रस्तावित कॉरिडोर की कुल लंबाई करीब 7.5 किलोमीटर होगी और पूरा मार्ग एलिवेटेड बनाया जाएगा। इस रूट पर पांच स्टेशन प्रस्तावित हैं। इनमें सेक्टर-61, सेक्टर-70, सेक्टर-122, सेक्टर-123 और ग्रेटर नोएडा वेस्ट सेक्टर-4 यानी किसान चौक के आसपास स्टेशन शामिल हैं।
इस परियोजना को मौजूदा सेक्टर-51 मेट्रो स्टेशन से आगे ग्रेटर नोएडा वेस्ट को जोड़ने वाली एक्सटेंशन लाइन के तौर पर विकसित किया जाना प्रस्तावित है। करीब 900 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली इस परियोजना में केंद्र और राज्य सरकार के साथ नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की भी हिस्सेदारी रहने की बात कही गई है।
ग्रेटर नोएडा वेस्ट के लिए इस मेट्रो कॉरिडोर का महत्व केवल नोएडा तक कनेक्टिविटी सीमित रहने तक नहीं है। प्रस्तावित लाइन को गाजियाबाद-जेवर एयरपोर्ट आरआरटीएस कॉरिडोर से जोड़ने की योजना भी है। इसके जुड़ने से ग्रेटर नोएडा वेस्ट के यात्रियों के लिए गाजियाबाद, जेवर और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की ओर जाने वाले सार्वजनिक परिवहन विकल्पों का विस्तार हो सकता है।
फिलहाल ग्रेटर नोएडा वेस्ट में बड़ी आबादी सार्वजनिक परिवहन के लिए सिटी बस और ऑटो पर निर्भर है। क्षेत्र में लगातार बढ़ती आबादी और वाहनों की संख्या के कारण पीक आवर्स में गौड़ चौक और आसपास के प्रमुख मार्गों पर यातायात का दबाव भी रहता है।
एनएमआरसी के अनुसार प्रस्तावित मेट्रो सेवा शुरू होने के बाद ग्रेटर नोएडा वेस्ट, गौड़ चौक और नोएडा के आसपास रहने वाले करीब पांच लाख लोगों को इसका सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। मेट्रो से लोगों को दैनिक आवागमन के लिए वैकल्पिक सार्वजनिक परिवहन मिलेगा और क्षेत्र की नोएडा से कनेक्टिविटी भी बेहतर हो सकेगी।
फिलहाल परियोजना के लिए 15 अक्टूबर तक मंजूरी मिलने की उम्मीद है। इसके बाद निर्माण की समयसीमा और अन्य तकनीकी प्रक्रियाओं को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी। मंजूरी मिलने पर ग्रेटर नोएडा वेस्ट के लंबे समय से प्रस्तावित मेट्रो कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने का रास्ता खुल जाएगा।


