Cyber Crime Complaint: डिफेंस कंपनी की छवि खराब करने वाली सामग्री प्रसारित करने का आरोप, साइबर थाने में शिकायत
नोएडा। सेक्टर-8 स्थित अकिला टेक्नोलॉजीज एंड इंटीग्रेशन सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड ने लिंक्डइन पर संचालित एक प्रोफाइल के खिलाफ साइबर अपराध थाने में शिकायत दी है। कंपनी रक्षा और एयरोस्पेस क्षेत्र में काम करती है। शिकायत में एक विदेशी नागरिक के नाम से संचालित बताए जा रहे प्रोफाइल के जरिए कंपनी और भारतीय रक्षा क्षेत्र से संबंधित कथित रूप से भ्रामक तथा प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाली सामग्री प्रसारित किए जाने का आरोप लगाया गया है।
कंपनी के निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार मागो की ओर से 22 सितंबर को पुलिस को शिकायत दी गई। इसमें सर्गेई मोसिएन्को नाम के प्रोफाइल का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया गया है कि वहां लगातार आरआईएमसीओ के उत्पादों का प्रचार किया जा रहा है। इसके अलावा भारतीय रक्षा कंपनियों, ड्रोन निर्माण से जुड़ी कंपनियों और भारतीय सशस्त्र बलों से जुड़े लोगों के संबंध में विभिन्न टिप्पणियां और दावे भी प्रकाशित किए जा रहे हैं।
शिकायतकर्ता कंपनी का आरोप है कि प्रोफाइल पर डाली जा रही सामग्री से उसकी कारोबारी छवि और ग्राहकों के भरोसे पर असर पड़ सकता है। कंपनी के अनुसार कुछ पोस्ट में भारतीय रक्षा क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों पर सेना को गुमराह करने, बिना पर्याप्त जानकारी के चीनी उपकरणों का इस्तेमाल करने और मेक इन इंडिया से संबंधित गलत दावे करने जैसे आरोप लगाए गए हैं।
कंपनी ने शिकायत में कहा है कि इस तरह की सामग्री के कारण उसकी तकनीकी क्षमता और विश्वसनीयता को लेकर सवाल खड़े हो सकते हैं। इससे कारोबार, संभावित व्यावसायिक अवसरों और कंपनी की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचने की आशंका भी जताई गई है। हालांकि, कंपनी ने पुलिस से कहा है कि शिकायत में लगाए गए आरोपों को जांच पूरी होने तक स्थापित तथ्य नहीं माना जाए।
शिकायतकर्ता ने साइबर अपराध पुलिस से संबंधित प्रोफाइल के संचालक की पहचान और उसकी संबद्धता की जांच करने का अनुरोध किया है। साथ ही यह पता लगाने की मांग की गई है कि खाते का नियंत्रण किसके पास है और प्रोफाइल से प्रकाशित सामग्री के पीछे कौन लोग हैं।
कंपनी ने पुलिस से संबंधित पोस्ट, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कराने की भी मांग की है। शिकायत में यह निर्धारित करने का अनुरोध किया गया है कि प्रकाशित सामग्री मानहानि, धोखाधड़ी, भ्रामक सूचना के प्रसार या किसी अन्य अपराध के दायरे में आती है या नहीं।
साइबर अपराध पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच के लिए एक टीम गठित की गई है। पुलिस टीम विदेशी नागरिक के नाम से संचालित बताए जा रहे प्रोफाइल की गतिविधियों और उसमें प्रकाशित सामग्री का अध्ययन कर रही है। डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर प्रोफाइल संचालक और उसकी संबद्धता के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है।


