Consumer Commission: नोएडा प्राधिकरण का 15.67 लाख रुपये का पानी का बिल रद्द, कनेक्शन काटने पर भी रोक
नोएडा। जिला उपभोक्ता आयोग ने नोएडा प्राधिकरण की ओर से सेक्टर-2 स्थित मैसर्स हिन्दुस्तान रेफ्रिजरेशन कंपनी को भेजे गए 15.67 लाख रुपये से अधिक के पानी के बिल को शून्य और रद्द घोषित कर दिया है। आयोग ने इस बिल के आधार पर कंपनी का पानी का कनेक्शन काटने पर भी रोक लगा दी है। मामले की सुनवाई के दौरान प्राधिकरण की ओर से तकनीकी खामी के कारण गलत बिल जारी होने की बात स्वीकार की गई।
मैसर्स हिन्दुस्तान रेफ्रिजरेशन कंपनी के प्रोपराइटर महिंदर सिंह ने पानी के बिल को लेकर नोएडा प्राधिकरण के खिलाफ जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के मुताबिक कंपनी ने 28 जून 2021 को 20,167 रुपये के पानी के बिल का भुगतान कर दिया था। इसके बाद 3,776 रुपये का भुगतान कर प्राधिकरण से नो-ड्यूज प्रमाणपत्र भी प्राप्त किया गया था।
कंपनी का आरोप था कि बकाया नहीं होने के बावजूद 30 सितंबर 2021 को प्राधिकरण की ओर से 38,95,453 रुपये का पानी का बिल भेज दिया गया। इतनी बड़ी रकम का बिल मिलने पर कंपनी ने प्राधिकरण के अधिकारियों और कर्मचारियों से संपर्क किया। शिकायत के अनुसार कर्मचारियों ने इसे तकनीकी गलती बताते हुए बिल में सुधार करने का आश्वासन दिया।
इसके बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ। कंपनी को 31 अक्टूबर को 22,53,104 रुपये का संशोधित बिल भेजा गया। इसके बाद 31 जनवरी 2022 को एक बार फिर 15,67,272 रुपये का पानी का बिल जारी कर दिया गया। कंपनी का कहना था कि लगातार शिकायत करने के बावजूद बिल को पूरी तरह ठीक नहीं किया गया।
कंपनी ने अपनी शिकायत में एक कर्मचारी पर बिल में सुधार के एवज में एक लाख रुपये सुविधा शुल्क मांगने का आरोप भी लगाया। यह आरोप कंपनी की ओर से उपभोक्ता आयोग के समक्ष की गई शिकायत का हिस्सा था।
मामले की सुनवाई के दौरान नोएडा प्राधिकरण ने तकनीकी खामी के कारण गलत पानी का बिल जारी होने की बात स्वीकार की। आयोग ने कंपनी और प्राधिकरण की ओर से पेश किए गए साक्ष्यों और दस्तावेजों का अवलोकन करने के बाद मामले में फैसला सुनाया।
जिला उपभोक्ता आयोग ने 15,67,272 रुपये के पानी के बिल को शून्य और रद्द घोषित कर दिया। साथ ही स्पष्ट किया कि इस बिल को आधार बनाकर हिन्दुस्तान रेफ्रिजरेशन कंपनी की पानी की आपूर्ति बंद नहीं की जा सकती। आयोग के आदेश के बाद कंपनी को विवादित बिल के भुगतान से राहत मिल गई है।


