Farmers Protest: चार घंटे चली किसान संघर्ष मोर्चा और अधिकारियों की वार्ता, 5 अक्टूबर को लखनऊ में मुख्य सचिव से होगी बातचीत
नोएडा। किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर किसान संघर्ष मोर्चा और अधिकारियों के बीच गुरुवार को नोएडा प्राधिकरण में करीब चार घंटे तक बैठक चली। दोपहर से शुरू हुई वार्ता शाम करीब पांच बजे तक जारी रही। बैठक में नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण के सीईओ के साथ जॉइंट कमिश्नर और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। किसान नेताओं ने अधिकारियों के साथ हुई बातचीत को सकारात्मक बताया है।
किसान संघर्ष मोर्चा की प्रमुख मांगों में किसानों को 10 प्रतिशत आबादी के भूखंड उपलब्ध कराने का मुद्दा शामिल है। बैठक के दौरान किसान प्रतिनिधियों ने इस मांग के साथ अन्य लंबित समस्याओं को भी अधिकारियों के सामने रखा और उनके समाधान की मांग की। अधिकारियों और किसान नेताओं के बीच विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
नोएडा प्राधिकरण में बैठक समाप्त होने के बाद किसान संघर्ष मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह से मुलाकात की। किसान नेताओं के मुताबिक पुलिस कमिश्नर ने उन्हें बताया कि किसानों की मांगों को लेकर 5 अक्टूबर को लखनऊ में मुख्य सचिव के साथ उच्चस्तरीय बातचीत प्रस्तावित है।
किसान नेताओं का कहना है कि लखनऊ में होने वाली बैठक में 10 प्रतिशत आबादी के भूखंड समेत किसानों की अन्य मांगों को रखा जाएगा। मोर्चा को उम्मीद है कि मुख्य सचिव स्तर पर होने वाली बातचीत में लंबे समय से लंबित मुद्दों के समाधान की दिशा में ठोस निर्णय लिया जाएगा।
किसान संघर्ष मोर्चा ने इसके साथ ही आंदोलन की आगे की रणनीति भी स्पष्ट कर दी है। किसान नेताओं ने कहा कि यदि 5 अक्टूबर को मुख्य सचिव के साथ प्रस्तावित बैठक नहीं होती है या बातचीत के बावजूद उनकी मांगों का कोई ठोस समाधान सामने नहीं आता है तो 6 अक्टूबर से ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पर धरना दोबारा शुरू कर दिया जाएगा।
मोर्चा के नेताओं ने कहा कि किसानों की मांगों का समाधान होने तक आंदोलन जारी रहेगा। फिलहाल 5 अक्टूबर की प्रस्तावित लखनऊ बैठक को देखते हुए किसान नेतृत्व आगे की कार्रवाई का इंतजार करेगा। बैठक के नतीजों के आधार पर ही आंदोलन की अगली रणनीति तय की जाएगी।
अधिकारियों के साथ हुई बैठक में चौधरी सोरन प्रधान, सुखवीर खलीफा, डॉ. रूपेश वर्मा, वीर सिंह नेताजी, गबरी मुखिया, सुरेश सिंह, देशराज नागर, श्रीकृष्ण बैंसला, पप्पे नागर, संदीप भाटी, अजब सिंह, उमेद एडवोकेट, जेपी नागर और उदल आर्य समेत कई किसान नेता मौजूद रहे।

