Child Sexual Abuse Material: सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक सामग्री अपलोड करने का आरोप, NCMEC की रिपोर्ट पर FIR दर्ज
नोएडा। ग्रेटर नोएडा में सोशल मीडिया के माध्यम से बाल यौन शोषण से संबंधित कथित डिजिटल सामग्री शेयर करने के मामले में पुलिस ने कार्रवाई शुरू की है। अमेरिका स्थित नेशनल सेंटर फॉर मिसिंग एंड एक्सप्लॉइटेड चिल्ड्रन (NCMEC) से मिली साइबर टिपलाइन रिपोर्ट के आधार पर दनकौर कोतवाली पुलिस और साइबर सेल ने एक नामजद आरोपी तथा उसके अज्ञात साथियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि मामले में तकनीकी और डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है तथा आरोपी की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, ग्रेटर नोएडा साइबर सेल को NCMEC की साइबर टिपलाइन के माध्यम से एक रिपोर्ट प्राप्त हुई थी। रिपोर्ट में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए बच्चों से संबंधित कथित आपत्तिजनक डिजिटल सामग्री साझा किए जाने की जानकारी दी गई थी। इसके बाद साइबर सेल ने रिपोर्ट में उपलब्ध तकनीकी विवरणों की जांच शुरू की।
तकनीकी जांच के दौरान एक सोशल मीडिया यूजर की पहचान दनकौर निवासी प्रवेश चौहान के रूप में होने का दावा किया गया। पुलिस के अनुसार, संबंधित व्यक्ति इंस्टाग्राम पर ‘thakur_pravesh_01’ नाम से अकाउंट संचालित कर रहा था। पुलिस ने शनिवार शाम करीब छह बजे प्रवेश चौहान और उसके अज्ञात साथियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू की।
पुलिस के अनुसार, NCMEC की रिपोर्ट में 18 फरवरी 2026 को इंस्टाग्राम मैसेंजर की एक चैट में 27 डिजिटल फाइलें अपलोड किए जाने का उल्लेख है। जांच में इनमें से कई फाइलों के बाल यौन शोषण सामग्री से संबंधित होने की बात सामने आने का दावा किया गया है, जबकि कुछ अन्य सामग्री वयस्कों से संबंधित बताई गई है। संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने संबंधित सामग्री का विस्तृत विवरण सार्वजनिक नहीं किया है।
साइबर सेल को रिपोर्ट में संबंधित मोबाइल डिवाइस की तकनीकी जानकारी, लॉगिन रिकॉर्ड और कई IP एड्रेस भी उपलब्ध कराए गए थे। पुलिस ने इन डिजिटल सुरागों की जांच की। अधिकारियों के मुताबिक, IP एड्रेस से जुड़ी लोकेशन उत्तर प्रदेश, दिल्ली और हरियाणा के अलग-अलग क्षेत्रों में सामने आई। इसके बाद अन्य तकनीकी जानकारियों को मिलाकर संबंधित यूजर की पहचान और लोकेशन का पता लगाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।
पुलिस का कहना है कि डिजिटल साक्ष्यों की जांच के दौरान संबंधित व्यक्ति के दनकौर क्षेत्र से जुड़े होने की जानकारी सामने आई। इसके आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया। हालांकि पूरे मामले में डिजिटल फोरेंसिक जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की स्थिति स्पष्ट की जाएगी।
कोतवाली प्रभारी मनोज कुमार के मुताबिक, वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर उपलब्ध दस्तावेजों और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर केस दर्ज किया गया है। पुलिस अब संबंधित सोशल मीडिया गतिविधियों, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और अन्य संभावित डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है।
पुलिस टीम आरोपी की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। इसके साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि कथित सामग्री को अपलोड या साझा करने में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं। जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आने पर उनके खिलाफ भी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल मामले की जांच जारी है और आरोपों की पुष्टि डिजिटल तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।


