Traffic Awareness: गांधी नगर ट्रैफिक सर्किल ने विद्यार्थियों को पढ़ाया सड़क सुरक्षा का पाठ, 100 बच्चों ने सीखे यातायात नियम
रिपोर्ट: रवि डालमिया
नई दिल्ली। सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और बच्चों में कम उम्र से ही यातायात नियमों के प्रति जागरूकता विकसित करने के उद्देश्य से गांधी नगर ट्रैफिक सर्किल की ओर से विशेष सड़क सुरक्षा एवं यातायात जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। सेंट लॉरेंस स्कूल, गीता कॉलोनी के करीब 100 विद्यार्थियों ने नेशनल बाल भवन स्थित ट्रैफिक ट्रेनिंग पार्क में आयोजित इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान बच्चों को यातायात नियमों की जानकारी देने के साथ सुरक्षित तरीके से सड़क पर चलने और सड़क पार करने के व्यावहारिक तरीके भी समझाए गए।
कार्यक्रम के दौरान ट्रैफिक पुलिसकर्मियों ने विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। बच्चों को बताया गया कि सड़क पर चलते समय यातायात संकेतों और ट्रैफिक सिग्नल को समझना और उनका पालन करना कितना जरूरी है। लाल, पीली और हरी बत्ती के अर्थ के साथ अलग-अलग सड़क संकेतों के महत्व के बारे में भी उन्हें जानकारी दी गई।
विद्यार्थियों को जेब्रा क्रॉसिंग के सही इस्तेमाल के बारे में समझाया गया। ट्रैफिक पुलिसकर्मियों ने बताया कि सड़क पार करते समय जल्दबाजी करने के बजाय निर्धारित स्थान का इस्तेमाल करना चाहिए और आसपास से आने वाले वाहनों को ध्यान से देखने के बाद ही आगे बढ़ना चाहिए। बच्चों को सड़क पर सुरक्षित व्यवहार से संबंधित अन्य जरूरी सावधानियों के बारे में भी बताया गया।
कार्यक्रम में दोपहिया वाहनों पर सफर के दौरान हेलमेट पहनने के महत्व पर विशेष जोर दिया गया। विद्यार्थियों को समझाया गया कि हेलमेट केवल यातायात नियमों का पालन करने के लिए नहीं, बल्कि दुर्घटना की स्थिति में गंभीर चोट से बचाव के लिए महत्वपूर्ण सुरक्षा साधन है। इसी तरह कार में यात्रा करते समय सीट बेल्ट लगाने की आवश्यकता के बारे में भी बच्चों को जागरूक किया गया।
ट्रैफिक पुलिस ने विद्यार्थियों को यह संदेश दिया कि सड़क सुरक्षा की जिम्मेदारी केवल वाहन चलाने वाले लोगों तक सीमित नहीं है। पैदल यात्रियों और वाहन में सफर करने वाले लोगों को भी यातायात नियमों की जानकारी होनी चाहिए और उनका पालन करना चाहिए। बच्चों को जिम्मेदार सड़क उपयोगकर्ता बनने के लिए प्रेरित किया गया।
जागरूकता कार्यक्रम को केवल जानकारी देने तक सीमित नहीं रखा गया। बच्चों की भागीदारी बढ़ाने और यातायात नियमों को आसान तथा रोचक तरीके से समझाने के लिए क्विज और विभिन्न खेल गतिविधियां भी आयोजित की गईं। इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों से सड़क संकेतों, ट्रैफिक नियमों और सुरक्षित यात्रा से संबंधित सवाल पूछे गए।

विद्यार्थियों ने भी उत्साह के साथ इन गतिविधियों में हिस्सा लिया। प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने वाले बच्चों को पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया गया। कार्यक्रम को संवादात्मक बनाए जाने से बच्चों को अपनी जिज्ञासाओं और सड़क सुरक्षा से जुड़े सवालों को सामने रखने का भी अवसर मिला।
ट्रैफिक ट्रेनिंग पार्क में आयोजित कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को ऐसी परिस्थितियों से परिचित कराना था, जिनका सामना उन्हें रोजमर्रा के जीवन में सड़क पर करना पड़ सकता है। यातायात संकेत, जेब्रा क्रॉसिंग और ट्रैफिक सिग्नल जैसी व्यवस्थाओं को समझाकर उन्हें सुरक्षित व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों से कहा कि वे कार्यक्रम में मिली जानकारी को केवल अपने तक सीमित न रखें। बच्चों से अपने माता-पिता, परिवार के अन्य सदस्यों और आसपास रहने वाले लोगों को भी यातायात नियमों तथा सड़क सुरक्षा के महत्व के बारे में जागरूक करने की अपील की गई।
पुलिस अधिकारियों का जोर इस बात पर रहा कि सड़क सुरक्षा की आदतें बचपन से विकसित की जाएं तो आगे चलकर यातायात अनुशासन को मजबूत करने में मदद मिल सकती है। बच्चे स्वयं नियमों का पालन करने के साथ अपने परिवार के सदस्यों को भी हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने और ट्रैफिक सिग्नल का पालन करने के लिए प्रेरित कर सकते हैं।
गांधी नगर ट्रैफिक सर्किल की इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों में यातायात अनुशासन के साथ जिम्मेदार नागरिकता की भावना विकसित करना भी रहा। कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों को यह समझाने का प्रयास किया गया कि सड़क पर बरती गई छोटी सी सावधानी भी दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
करीब 100 विद्यार्थियों की भागीदारी वाले इस जागरूकता कार्यक्रम में जानकारी, व्यावहारिक प्रशिक्षण, क्विज और खेल गतिविधियों को शामिल कर सड़क सुरक्षा का संदेश दिया गया। गांधी नगर ट्रैफिक सर्किल ने बच्चों को स्वयं यातायात नियमों का पालन करने के साथ दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने का संदेश दिया।


