Noida Gangster Arrest: 2022 से फरार 25 हजार का इनामी गैंगस्टर सुरेश गिरफ्तार, संजय पहाड़िया गिरोह का था सक्रिय सदस्य
नोएडा। थाना सेक्टर-126 पुलिस ने वर्ष 2022 से फरार चल रहे 25 हजार रुपये के इनामी गैंगस्टर सुरेश को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी संगठित संजय पहाड़िया गिरोह का सक्रिय सदस्य रहा है और उसके खिलाफ चोरी, आर्म्स एक्ट, गैंगस्टर एक्ट और आबकारी अधिनियम समेत विभिन्न धाराओं में कुल नौ मुकदमे दर्ज हैं। लंबे समय से उसकी तलाश कर रही पुलिस ने उसे ओखला बर्ड सेंचुरी मेट्रो स्टेशन के पीछे फुटओवर ब्रिज के पास से गिरफ्तार किया।
एडिशनल डीसीपी नोएडा मनीषा सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान 52 वर्षीय सुरेश पुत्र राम मनोहर के रूप में हुई है। वह मूलरूप से उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के बकेवर थाना क्षेत्र स्थित देवमई गांव का रहने वाला है। वर्तमान में वह दिल्ली के जैतपुर इलाके में रह रहा था।
पुलिस के अनुसार सुरेश को पकड़ने के लिए मैनुअल इंटेलिजेंस, गोपनीय सूचनाओं और सर्विलांस की मदद ली गई। आरोपी लगातार अपने ठिकाने बदलकर गिरफ्तारी से बचने का प्रयास कर रहा था। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने उसकी गतिविधियों पर नजर रखी और कालिंदी कुंज रोड के पास ओखला बर्ड सेंचुरी मेट्रो स्टेशन के पीछे बने फुटओवर ब्रिज के पास से उसे पकड़ लिया।
एडीसीपी मनीषा सिंह के मुताबिक आरोपी सुरेश के खिलाफ थाना सेक्टर-20 में गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज है। इस मामले में वह वर्ष 2022 से वांछित चल रहा था। लंबे समय तक गिरफ्तारी नहीं होने के बाद पुलिस की ओर से उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
पुलिस जांच में सामने आया है कि सुरेश कथित रूप से संजय पहाड़िया के संगठित गिरोह का सक्रिय सदस्य रहा है। पुलिस का दावा है कि यह गिरोह योजनाबद्ध तरीके से चोरी की वारदातों को अंजाम देता था।
पुलिस के अनुसार गिरोह के सदस्य किसी मकान या व्यावसायिक प्रतिष्ठान को निशाना बनाने से पहले उसकी रेकी करते थे। आसपास की गतिविधियों और सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी जुटाने के बाद चोरी की योजना तैयार की जाती थी।
वारदात के दौरान ताले और अन्य अवरोध तोड़ने के लिए गिरोह के सदस्य ड्रिल मशीन, छैनी, पेचकस, हथौड़ी और लोहे की आरी जैसे औजारों का इस्तेमाल करते थे। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ के आधार पर गिरोह की अन्य गतिविधियों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है।
जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह कथित तौर पर चोरी की वारदातों में एक्सयूवी-500 गाड़ी का इस्तेमाल करता था। वाहन के जरिए गिरोह के सदस्य वारदात वाले स्थान तक पहुंचते और चोरी के बाद सामान लेकर वहां से निकल जाते थे।
पुलिस का दावा है कि चोरी किए गए सामान को बाद में बेच दिया जाता था। इससे मिलने वाली रकम को गिरोह के सदस्य आपस में बांट लेते थे। पुलिस आरोपी सुरेश की पूर्व में हुई वारदातों में भूमिका और उसके संपर्क में रहे अन्य लोगों के बारे में भी जांच कर रही है।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक सुरेश के खिलाफ नोएडा के थाना सेक्टर-20 और फेज-3 में कुल नौ मुकदमे दर्ज हैं। इनमें चोरी, आर्म्स एक्ट, गैंगस्टर एक्ट, आबकारी अधिनियम और अन्य संबंधित धाराओं के मामले शामिल बताए गए हैं।
वर्ष 2022 में गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज होने के बाद से आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर चल रहा था। पुलिस की टीमें लगातार उसकी तलाश कर रही थीं और उसके बारे में जानकारी जुटाई जा रही थी।
आखिरकार सूचना और सर्विलांस के आधार पर थाना सेक्टर-126 पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने सुरेश के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है और उसके कथित आपराधिक नेटवर्क तथा पुराने मामलों से संबंधित जानकारी की जांच की जा रही है।


