Himachal CBSE Schools: शिक्षकों के लिए 1 अक्टूबर से लागू होगा ड्रेस कोड, विद्यार्थियों की यूनिफॉर्म और स्कूल भवनों की भी होगी अलग पहचान

Himachal CBSE Schools: शिक्षकों के लिए 1 अक्टूबर से लागू होगा ड्रेस कोड, विद्यार्थियों की यूनिफॉर्म और स्कूल भवनों की भी होगी अलग पहचान

शिमला, 7 सितंबर। हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा संचालित सीबीएसई स्कूलों को एक अलग और विशिष्ट पहचान देने की तैयारी की जा रही है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिए हैं कि इन स्कूलों के शिक्षकों के लिए ड्रेस कोड, विद्यार्थियों के लिए यूनिफॉर्म और स्कूल भवनों के लिए विशेष रंग योजना जल्द निर्धारित की जाए। शिक्षकों के लिए नया ड्रेस कोड इसी वर्ष 1 अक्टूबर से लागू करने की योजना है।

मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग की बैठक की अध्यक्षता करते हुए राज्य सरकार द्वारा संचालित सीबीएसई स्कूलों की व्यवस्थाओं की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से ड्रेस कोड और यूनिफॉर्म से संबंधित प्रक्रिया को जल्द पूरा करने को कहा, ताकि स्कूलों में इसे व्यवस्थित तरीके से लागू किया जा सके।

सुक्खू ने निर्देश दिए कि सीबीएसई स्कूलों के भवनों के लिए भी एक अलग और विशिष्ट रंग योजना तैयार की जाए। इसका उद्देश्य राज्य सरकार द्वारा संचालित इन स्कूलों को एक समान दृश्य पहचान देना है। स्कूल भवनों की रंग योजना ऐसी रखने की तैयारी है, जिससे सरकारी सीबीएसई स्कूलों की अलग पहचान स्थापित हो सके।

बैठक में राज्य सरकार के सीबीएसई स्कूलों के लिए तैयार किए जा रहे ‘लोगो’ को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के साथ लोगो से जुड़े विभिन्न पहलुओं और इसे अंतिम रूप देने के लिए आवश्यक प्रक्रियाओं की समीक्षा की।

स्कूलों में अनुशासन और समय की पाबंदी सुनिश्चित करने के लिए उपस्थिति व्यवस्था में भी बदलाव किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीबीएसई स्कूलों में दिन में तीन बार उपस्थिति दर्ज की जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे विद्यार्थियों और स्कूल व्यवस्था में अनुशासन तथा समयबद्धता को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का विशेष ध्यान ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने पर है। इसी उद्देश्य से सरकारी स्तर पर सीबीएसई स्कूलों की व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में पढ़ने वाले बच्चों को भी बेहतर शैक्षणिक अवसर मिल सकें।

उन्होंने कहा कि निजी सीबीएसई स्कूलों में शिक्षा अपेक्षाकृत महंगी होती है। इसके मुकाबले राज्य सरकार द्वारा संचालित सीबीएसई स्कूलों में विद्यार्थियों को सुलभ दरों पर शिक्षा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। इससे ऐसे परिवारों के बच्चों को भी सीबीएसई आधारित शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा, जिनके लिए निजी स्कूलों की फीस वहन करना कठिन हो सकता है।

सुक्खू ने बताया कि राज्य सरकार इन स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति पहले ही कर चुकी है। सरकार का प्रयास है कि स्कूलों में पर्याप्त संख्या में शिक्षक उपलब्ध रहें और स्टाफ की कमी का असर विद्यार्थियों की पढ़ाई पर न पड़े।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि भविष्य में किसी भी कारण से शिक्षक का कोई पद खाली होता है तो उसे प्राथमिकता के आधार पर भरने की प्रक्रिया शुरू की जाए। रिक्त पदों को लंबे समय तक खाली नहीं रहने देने और शैक्षणिक गतिविधियों को सुचारू बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

उन्होंने शिक्षा विभाग को ड्रेस कोड, विद्यार्थियों की यूनिफॉर्म, स्कूल भवनों की रंग योजना, लोगो, उपस्थिति व्यवस्था और शिक्षकों की उपलब्धता से संबंधित सभी आवश्यक तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश दिए।

बैठक में महाधिवक्ता अनूप रतन, शिक्षा सचिव राकेश कंवर, स्कूल शिक्षा निदेशक आशीष कोहली सहित शिक्षा विभाग और राज्य सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

 

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