Parivartan Yojana: पुराने व्यावसायिक वाहन स्क्रैप कराने पर नए वाहन के टैक्स में 100% तक छूट, 10 साल मिलेगा लाभ
नोएडा। एनसीआर में वायु प्रदूषण कम करने और सड़कों से पुराने प्रदूषणकारी व्यावसायिक वाहनों को हटाने के लिए चलाई जा रही ‘परिवर्तन योजना’ की सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा की गई। जिलाधिकारी मेधा रूपम की अध्यक्षता में हुई बैठक में पुराने ट्रक और बसों को स्क्रैप कराने तथा उनके स्थान पर बीएस-VI मानक वाले नए वाहन और इलेक्ट्रिक वाहन अपनाने को प्रोत्साहित करने की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में जिलाधिकारी मेधा रूपम ने अधिकारियों को परिवर्तन योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजना के लिए पात्र सभी वाहन मालिकों तक इसके लाभ और वाहन स्क्रैप कराने की पूरी प्रक्रिया की जानकारी पहुंचाई जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।
जिलाधिकारी ने कहा कि पुराने और अधिक प्रदूषण फैलाने वाले व्यावसायिक वाहनों को चरणबद्ध तरीके से सड़कों से हटाना एनसीआर में वायु प्रदूषण नियंत्रित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। संबंधित विभाग योजना के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की लापरवाही न बरतें और पात्र वाहन मालिकों को नियमानुसार मिलने वाले लाभ सुनिश्चित किए जाएं।
परिवहन विभाग को अधिकृत पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा (आरवीएसएफ) के माध्यम से पुराने वाहनों की स्क्रैपिंग प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाने के निर्देश भी दिए गए। इसके साथ योजना की नियमित समीक्षा करने और प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है।
बैठक में एआरटीओ डॉ. उदित नारायण पाण्डेय ने बताया कि उत्तर प्रदेश के एनसीआर क्षेत्र में आने वाले आठ जिलों में परिवर्तन योजना लागू की जा रही है। इसके तहत बीएस-I, बीएस-II, बीएस-III और बीएस-IV उत्सर्जन मानकों वाले पुराने ट्रकों और बसों को अधिकृत आरवीएसएफ केंद्रों के माध्यम से स्क्रैप कराया जा रहा है।
पुराने वाहन को स्क्रैप कराने के बाद वाहन मालिकों को उसके स्थान पर बीएस-VI उत्सर्जन मानक वाला नया वाहन या इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके लिए सरकार की ओर से टैक्स और पंजीकरण शुल्क में महत्वपूर्ण राहत देने का प्रावधान किया गया है।
परिवर्तन योजना के तहत पात्र वाहन मालिक द्वारा नया वाहन खरीदने पर मोटर यान कर में 100 प्रतिशत तक छूट का लाभ मिलेगा। वहीं प्रयुक्त वाहन खरीदने पर मोटर यान कर में 50 प्रतिशत तक छूट देने का प्रावधान है। यह लाभ निर्धारित नियमों के तहत 10 वर्ष की अवधि तक उपलब्ध रहेगा।
इसके अलावा योजना के तहत खरीदे गए पात्र नए वाहन के पंजीकरण शुल्क में भी पूर्ण छूट का प्रावधान किया गया है। इससे पुराने व्यावसायिक वाहन को स्क्रैप कर स्वच्छ तकनीक वाला नया वाहन खरीदने वाले वाहन मालिकों पर आर्थिक बोझ कम होने की उम्मीद है।
बैठक में बताया गया कि एनसीआर में पंजीकृत बीएस-I से बीएस-IV मानक वाले पुराने ट्रकों और बसों पर एक वर्ष से अधिक समय से लंबित कर दायित्व को माफ करने की व्यवस्था भी की गई है। हालांकि इसका लाभ निर्धारित शर्तों को पूरा करने वाले वाहन मालिकों को ही मिलेगा।
टैक्स माफी का लाभ लेने के लिए पुराने वाहन को अधिकृत आरवीएसएफ स्क्रैपिंग सेंटर के माध्यम से स्क्रैप कराना होगा। इसके बाद उसके स्थान पर नया बीएस-VI या इलेक्ट्रिक वाहन खरीदकर उसका पंजीकरण कराना जरूरी होगा।
प्रशासन का उद्देश्य परिवर्तन योजना के माध्यम से पुराने और ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाले व्यावसायिक वाहनों की संख्या कम करना है। इसके साथ ही आधुनिक बीएस-VI और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देकर एनसीआर में वाहनों से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है।
कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में एआरटीओ नन्दकुमार, अभिषेक कनौजिया, उपायुक्त उद्योग पंकज निर्वाण और उप कृषि निदेशक राजीव कुमार समेत संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। बस एसोसिएशन, ट्रक एसोसिएशन और ऑटो एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने भी बैठक में हिस्सा लिया।


