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Stop Diarrhoea Campaign 2026: कृष्णा नगर में शुरू हुआ ‘स्टॉप डायरिया अभियान 2026’, विधायक डॉ. अनिल गोयल ने बच्चों की सुरक्षा का लिया संकल्प

Stop Diarrhoea Campaign 2026: कृष्णा नगर में शुरू हुआ ‘स्टॉप डायरिया अभियान 2026’, विधायक डॉ. अनिल गोयल ने बच्चों की सुरक्षा का लिया संकल्प

रिपोर्ट: रवि डालमिया

नई दिल्ली। कृष्णा नगर विधानसभा क्षेत्र में डायरिया जैसी गंभीर लेकिन रोकी जा सकने वाली बीमारी के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से “स्टॉप डायरिया कैंपेन 2026” का शुभारंभ किया गया। गीता कॉलोनी स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर में आयोजित कार्यक्रम का उद्घाटन कृष्णा नगर के विधायक एवं वरिष्ठ चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. अनिल गोयल ने मुख्य अतिथि के रूप में किया। दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाया जा रहा यह अभियान 25 जुलाई तक राजधानी के विभिन्न क्षेत्रों में संचालित किया जाएगा।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. अनिल गोयल ने कहा कि गर्मी और मानसून के मौसम में छोटे बच्चों में डायरिया का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में समय पर जागरूकता और सावधानी बरतकर इस बीमारी को रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि अभियान का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि डायरिया जैसी बीमारी के कारण किसी भी बच्चे की जान न जाए।

डॉ. गोयल ने लोगों को स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण सुझाव देते हुए कहा कि भोजन करने से पहले और शौचालय के उपयोग के बाद हाथों को साबुन से अच्छी तरह धोना चाहिए। उन्होंने बताया कि उबला हुआ और स्वच्छ पानी पीना डायरिया और टाइफाइड जैसी बीमारियों से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है। उन्होंने माताओं से अपील की कि जन्म के बाद छह महीने तक बच्चों को केवल मां का दूध ही पिलाएं, जिससे डायरिया का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है।

उन्होंने बच्चों में दस्त की शिकायत होने पर तुरंत ओआरएस और जिंक का उपयोग शुरू करने की सलाह दी। साथ ही लोगों से अपील की कि किसी भी स्वास्थ्य समस्या की स्थिति में नजदीकी आयुष्मान आरोग्य मंदिर से संपर्क करें।

कार्यक्रम के दौरान डॉ. अनिल गोयल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत मिशन की सराहना करते हुए कहा कि देशभर में स्वच्छता को लेकर हुए प्रयासों से कई बीमारियों पर नियंत्रण पाने में मदद मिली है। उन्होंने कहा कि खुले में शौच की समस्या कम होने से संक्रामक रोगों के मामलों में भी कमी आई है।

विधायक ने आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को समग्र स्वास्थ्य सेवाओं का केंद्र बताते हुए कहा कि यहां एलोपैथी, आयुष और होम्योपैथी जैसी विभिन्न चिकित्सा पद्धतियों के साथ मुफ्त दवाइयों और जांच सुविधाओं की व्यवस्था उपलब्ध है। जरूरत पड़ने पर मरीजों को बड़े सरकारी अस्पतालों में रेफर करने की सुविधा भी दी जाती है।

इस अवसर पर डॉ. जयप्रकाश, डॉ. दीप्ति मल्होत्रा, समाजसेवी रविंदर परमार सहित स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी, आशा कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। कार्यक्रम में डायरिया से बचाव और स्वच्छता को लेकर लोगों को जागरूक किया गया।

 

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