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World Blood Donor Day: विश्व रक्तदान दिवस, एक यूनिट रक्त से बच सकती हैं चार जिंदगियां, विशेषज्ञों ने रक्तदान को बताया जीवनदान

World Blood Donor Day: विश्व रक्तदान दिवस, एक यूनिट रक्त से बच सकती हैं चार जिंदगियां, विशेषज्ञों ने रक्तदान को बताया जीवनदान

नई दिल्ली। विश्व रक्तदान दिवस के अवसर पर राजधानी दिल्ली में रविवार को रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए व्यापक स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए गए। एम्स दिल्ली, जीटीबी अस्पताल, हिंदूराव अस्पताल और अन्य सरकारी संस्थानों में रक्तदान शिविर, वॉकाथॉन और जनजागरूकता अभियान चलाए गए। इस वर्ष विश्व रक्तदान दिवस की थीम “मानवता की एक बूंद – रक्तदान करें, जीवन बचाएं” रखी गई, जिसका उद्देश्य लोगों को स्वैच्छिक रक्तदान के लिए प्रेरित करना और सुरक्षित रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करना था।

विशेषज्ञों ने इस अवसर पर रक्तदान के महत्व को रेखांकित करते हुए बताया कि देश में प्रतिदिन हजारों मरीजों को रक्त की आवश्यकता पड़ती है। Dr. Hem Chandra Pandey, जो एम्स दिल्ली के ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग में अतिरिक्त प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष हैं, ने कहा कि थैलेसीमिया, कैंसर, सड़क दुर्घटनाओं, प्रसूति संबंधी जटिलताओं और बड़ी सर्जरी से गुजर रहे मरीजों के लिए रक्त जीवन रक्षक साबित होता है। उन्होंने कहा कि नियमित स्वैच्छिक रक्तदान से अनगिनत मरीजों की जान बचाई जा सकती है।

Dr. Richa Gupta ने बताया कि 18 से 65 वर्ष आयु के स्वस्थ व्यक्ति, जिनका वजन 50 किलोग्राम से अधिक हो और हीमोग्लोबिन स्तर 12.5 ग्राम प्रति डेसीलीटर या उससे अधिक हो, रक्तदान कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि रक्तदान की पूरी प्रक्रिया केवल 8 से 10 मिनट में पूरी हो जाती है और इससे स्वास्थ्य पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता। उन्होंने यह भी बताया कि पुरुषों को दो रक्तदान के बीच कम से कम 90 दिन तथा महिलाओं को चार माह का अंतराल रखना चाहिए।

विश्व रक्तदान दिवस के अवसर पर विभिन्न संस्थानों में विशेष शिविर लगाए गए। पश्चिमी दिल्ली में Delhi State AIDS Control Society (डीएसएसीएस), जिला प्रशासन और स्टेट ब्लड ट्रांसफ्यूजन काउंसिल के संयुक्त प्रयास से वॉकाथॉन और स्वैच्छिक रक्तदान शिविर आयोजित किया गया। डीएसएसीएस के प्रोजेक्ट डायरेक्टर Samyak Jain ने कहा कि सुरक्षित रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने में स्वैच्छिक रक्तदाताओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है।

Hindu Rao Hospital और GTB Hospital ने भी विशेष रक्तदान शिविर आयोजित किए। जीटीबी अस्पताल की ओर से एक सामाजिक संस्था के सहयोग से मंदिर परिसर में शिविर लगाया गया, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने उत्साहपूर्वक रक्तदान किया। अस्पताल प्रशासन के अनुसार शिविर के दौरान 300 से अधिक यूनिट रक्त संग्रहित किया गया।

विशेषज्ञों ने बताया कि एक यूनिट रक्त को विभिन्न घटकों—लाल रक्त कोशिकाएं (Red Blood Cells), प्लेटलेट्स, प्लाज्मा और क्रायोप्रिसिपिटेट—में विभाजित किया जा सकता है। इन सभी घटकों का उपयोग अलग-अलग मरीजों के उपचार में किया जाता है। यही कारण है कि एक व्यक्ति द्वारा किया गया रक्तदान चार अलग-अलग मरीजों की जान बचाने में सहायक बन सकता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से नियमित रूप से स्वैच्छिक रक्तदान करने की अपील करते हुए कहा कि रक्त का कोई कृत्रिम विकल्प उपलब्ध नहीं है। ऐसे में रक्तदान केवल एक सामाजिक जिम्मेदारी ही नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का सबसे बड़ा माध्यम भी है।

 

 

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संवाददाता

Priyanka Singh

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