Noida: नोएडा में नशीली कफ सीरप की बड़ी खेप पकड़ी गई, 3600 शीशियां बरामद; दो तस्कर गिरफ्तार

Noida: नोएडा में नशीली कफ सीरप की बड़ी खेप पकड़ी गई, 3600 शीशियां बरामद; दो तस्कर गिरफ्तार
नोएडा। सेक्टर-20 थाना पुलिस ने नशीली दवाओं की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध कफ सीरप की खेप के साथ दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने शनिवार रात नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के लूप पर चेकिंग के दौरान पुलिस का स्टीकर लगी एक फॉर्च्यूनर कार को रोककर तलाशी ली, जिसमें भारी मात्रा में प्रतिबंधित कफ सीरप बरामद हुई। कार्रवाई के दौरान दो आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए, जबकि उनके दो साथी मौके का फायदा उठाकर फरार हो गए। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मध्य प्रदेश के रीवा जिले के आजाद मार्ग घोघर निवासी पीयूष वर्मा और तमरा गांव निवासी कपिल विश्वकर्मा के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों अपने साथियों विष्णु कुशवाह और शानू सिंह के साथ दिल्ली पहुंचे थे। वहां उन्होंने दिल्ली के पीरागढ़ी मेट्रो स्टेशन के पास सक्रिय एक तस्कर हीरा लाल से अवैध कफ सीरप की खेप खरीदी थी और उसे मध्य प्रदेश ले जाने की तैयारी में थे। नोएडा पुलिस द्वारा एक्सप्रेसवे पर चलाए जा रहे विशेष जांच अभियान के दौरान संदिग्ध फॉर्च्यूनर कार को रोककर तलाशी ली गई। जांच में कार से 100 एमएल की कुल 3600 शीशियां अवैध ऑनरेक्स कफ सीरप बरामद हुईं। पुलिस ने बरामद खेप और वाहन को कब्जे में ले लिया। पूछताछ में पता चला कि बरामद कफ सीरप की प्रत्येक पांच मिलीलीटर मात्रा में 10 मिलीग्राम कोडीन फॉस्फेट मौजूद है। कोडीन युक्त दवाओं का उपयोग सामान्य रूप से चिकित्सकीय सलाह पर किया जाता है, लेकिन अधिक मात्रा में सेवन करने पर यह नशे जैसा प्रभाव पैदा करती है। इसी कारण इसकी अवैध बाजार में मांग बनी रहती है और तस्कर इसे नशे के रूप में बेचने का काम करते हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपी इस खेप को अवैध तरीके से मध्य प्रदेश ले जाकर बेचने की योजना बना रहे थे। हालांकि नोएडा में चल रही सघन चेकिंग के दौरान उनकी योजना विफल हो गई और वे पुलिस के हत्थे चढ़ गए। पुलिस को शक है कि इस पूरे मामले के पीछे एक बड़ा अंतरराज्यीय नेटवर्क सक्रिय है, जो विभिन्न राज्यों में नशीली दवाओं की आपूर्ति करता है। सेक्टर-20 थाना पुलिस अब फरार आरोपियों विष्णु कुशवाह, शानू सिंह और मुख्य सप्लायर हीरा लाल की तलाश में जुटी हुई है। पुलिस का मानना है कि उनकी गिरफ्तारी के बाद इस नेटवर्क से जुड़े कई और अहम खुलासे हो सकते हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नशीले पदार्थों और प्रतिबंधित दवाओं की तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे गिरोहों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी, ताकि युवाओं को नशे की गिरफ्त में जाने से रोका जा सके।



