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Uttar Pradesh : हापुड़ में NH-9 किनारे पेड़ से लटका मिला उत्तराखंड के युवक का शव, आत्महत्या की आशंका

Hapur : हापुड़ के थाना बाबूगढ़ क्षेत्र में NH-9 के किनारे एक युवक का शव पेड़ से लटका मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। ग्रामीणों ने जब पेड़ पर शव लटका देखा तो उनके होश उड़ गए। सूचना मिलने पर पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी। प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है।

स्थानीय लोगों के अनुसार सुबह के समय कुछ किसान खेतों की ओर जा रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर एक पेड़ पर लटके युवक के शव पर पड़ी। अचानक शव दिखाई देने से वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने तुरंत बाबूगढ़ पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही बाबूगढ़ थाना प्रभारी प्रवीन कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया। फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने घटनास्थल का सूक्ष्म निरीक्षण करते हुए विभिन्न बिंदुओं पर जांच की। पेड़, रस्सी और आसपास के क्षेत्र से आवश्यक नमूने एकत्र किए गए ताकि घटना के संबंध में वैज्ञानिक तथ्यों का पता लगाया जा सके।

पुलिस ने शव की तलाशी ली तो मृतक के पास से एक आधार कार्ड बरामद हुआ। आधार कार्ड के आधार पर मृतक की पहचान दिनेश चंद्र पांडे 38 वर्ष पुत्र निवासी ग्राम सिमकुना, जिला बागेश्वर, उत्तराखंड के रूप में हुई। पहचान होने के बाद पुलिस ने तत्काल मृतक के परिजनों से संपर्क किया और उन्हें घटना की जानकारी दी। सूचना मिलने के बाद परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि दिनेश चंद्र पांडे हापुड़ कैसे पहुंचे और घटना से पहले वह किन लोगों के संपर्क में थे। पुलिस को मृतक के पास से कई महत्वपूर्ण सामान मिले हैं। इनमें एक पर्स, मोबाइल फोन, बैग, चादर, सैंडल और कपड़े शामिल हैं। इसके अलावा बैग की तलाशी के दौरान कुछ दवाइयां और मेडिकल पर्चियां भी बरामद हुईं।

मेडिकल दस्तावेजों में दर्ज जानकारी के अनुसार मृतक मानसिक बीमारी का उपचार करा रहा था। पुलिस इन दस्तावेजों की सत्यता की जांच कर रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि युवक किस अस्पताल या चिकित्सक से इलाज करा रहा था। जांच के दौरान बरामद मोबाइल फोन भी पुलिस के लिए अहम सुराग माना जा रहा है। पुलिस मोबाइल की कॉल डिटेल, अंतिम लोकेशन और हाल के संपर्कों की जानकारी जुटाने की तैयारी कर रही है। इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना से पहले मृतक किन लोगों के संपर्क में था और उसकी गतिविधियां क्या थीं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में मोबाइल डेटा कई बार महत्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध कराता है, जिससे घटना की पूरी तस्वीर सामने आ सकती है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटनास्थल पर अभी तक ऐसा कोई स्पष्ट साक्ष्य नहीं मिला है जिससे हत्या की पुष्टि हो सके। मौके पर संघर्ष के निशान भी नहीं पाए गए हैं। मृतक के पास से मिले मेडिकल दस्तावेज भी आत्महत्या की आशंका को बल दे रहे हैं। इसके बावजूद पुलिस किसी निष्कर्ष पर पहुंचने की जल्दबाजी में नहीं है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच और अन्य तथ्यों के आधार पर ही अंतिम निष्कर्ष निकाला जाएगा।

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